प्रयागराज, जेएनएन। संगमनगरी प्रयागराज में शनिवार बड़ी आफत बनकर आया। यहां पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पडि़ला में सीआरपीएफ जवान ने पत्नी और दो बच्चों को गोली मारने के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी होने पर सीआरपीएफ के अधिकारी और जिले के आला पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच कर रहे हैं।

थरवई एसओ भुनेश्वर चौबे ने बताया मेजा थाना क्षेत्र के सिरसा का रहने वाला विनोद यादव सीआरपीएफ में गाड़ी चलाता था। वह कैम्प में बने सरकारी क्वार्टर में परिवार के साथ रहता था। शनिवार को उसने पत्नी विमला देवी( 36) बेटी सिमरन (12) बेटा संदीप( 15) की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद को कमरे में बंद कर लिया और वहां उसने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। थरवई थानाक्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का ग्रुप सेंटर हैं। प्रयागराज में इस घटना की जानकारी होने पर सीआरपीएफ के जवानों में खलबली मच गई। जवान ने ऐसा कदम क्यों उठाया है यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।

ड्राइवर के पद पर तैनात था सीआरपीएफ जवान

ग्रुप सेंटर में ही रहने वाले 224 बटालियन में ड्राइवर के पद पर तैनात 40 वर्षीय विनोद कुमार यादव प्रयागराज जनपद में मेजा तहसील के सिरसा इलाके का रहने वाला था। उसने शुक्रवार देर रात पत्नी विमला के साथ 15 वर्षीय बेटे संदीप और बेटी 12 वर्षीय सिमरन को गोली मार दी। गोली लगने से पत्नी और बच्चों की मौत के बाद उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे चारों की मौत हो गई। 

पुलिस मामले की जांच में जुटी

सूचना पाकर सीआरपीएफ और जिले के आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच कर रहे हैं। थानाध्यक्ष थरवई भुवनेश चौबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक कलह माना जा रहा है। इसके साथ ही विनोद कुमार यादव के साथियों से पूछताछ की जा रही है। सभी के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। सीआरपीएफ के जवान के घरवालों को सूचना भेज दी गई है।

फायरिंग की आवाज सुनकर पडोसी जुटे तो सबको हटने की दी धमकी

विनोद कुमार सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पडिला में टाइप टू क्‍वार्टर मेंं परिवार के साथ रहता था। उसका क्‍वार्टर तीसरी म‍ंजिल पर था। वह सन 2000 में सीआरपीएफ में चालक के पद पर भर्ती हुआ था। वर्ष 2019 में यहां स्‍थानंतरित होकर आया था। शनिवार सुबह जब उसके कमरे के अंदर से फायंरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए। मामले की जानकारी सीआरपीएफ अफसरों को दी तो वह बाहर निकला और सबको दूर हटने की धमकी दी। बताया जाता है कि इससे पहले वह 12 राउंड फायर कर चुका था। इसके बाद वह अंदर गया और कमरे में जाकर खुद भी सुसाइड कर लिया। विनोद चार भाइयों में सबसे बडा था। उसके पुलिस महकमे में उपनिरीक्षक रहे। लेकिन बर्खास्‍त होने के कारण पेंशन नहीं मिलती है। वह घर मेंं इकलौता कमाने वाला था। विनोद से छोटे तीन भाई घर पर ही रहते हैं। सुबह घटना की जानकारी होने के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। पिता और मां को पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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