प्रयागराज,जेएनएन । दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में मंडल के करीब डेढ़ सौ बैंककर्मियों के भी करोड़ों रुपये डूब गए हैं। डीएचएफएल द्वारा उनकी गाढ़ी-कमाई की रकम डकारे जाने की सूचना से उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के कर्मचारी सकते में हैं।

मंडल में इस बैक की हैं 18 शाखाएं

मंडल में इस बैंक की कुल 18 शाखाएं हैं। इसमें से छह प्रयागराज और तीन कौशांबी में हैं। बाकी शाखाएं प्रतापगढ़ और फतेहपुर में हैं। जिले की शाखाओं में करीब 70-75 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि मंडल में मिलाकर इनकी संख्या तकरीबन डेढ़ सौ है। इन बैंककर्मियों का अंशदायी भविष्य निधि 2017-18 से डीएचएफएल में जमा हो रहा है।

हर महीने वेतन से 12 फीसद रकम कटती है और इतनी ही रकम बैंक जमा करता है

इसमें 12 फीसद रकम कर्मचारियों के वेतन से हर महीने कटौती होती है, जबकि इतनी ही धनराशि बैंक जमा करता है। हालांकि, अंशदायी भविष्य निधि का प्रबंधन बोर्ड ऑफ ट्रस्ट करता है। यह आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त है। ट्रस्ट में तीन प्रतिनिधि बैंक के अधिकारी और तीन प्रतिनिधि कर्मचारी होते हैं। कर्मचारी प्रतिनिधियों का चयन प्रदेश स्तरीय चुनाव के जरिए होता है। कर्मचारियों का भुगतान, ऋण देने आदि का काम ट्रस्ट करता है। अधिक (सरप्लस) धनराशि का विनियोजन भी भारत सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक ट्रस्ट करता है।

डीएचएफएल से सेक्योर्ड बांड के रूप में है हुआ है करार

सहकारी ग्राम विकास बैंक एलडीबी के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय महामंत्री मो. आसिफ जमाल का कहना है कि डीएचएफएल से सेक्योर्ड बांड के रूप में करार हुआ है। जून 2019 तक करीब तीन करोड़ ब्याज मिल चुका है। सितंबर महीने की किश्त डिफाल्ट हुई है। उनका दावा है कि सेक्योर्ड बांड है इसलिए पैसा मिलने की उम्मीद है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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