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प्रयागराज : शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में सोमवार दोपहर प्रॉपर्टी डीलर विद्यासागर यादव (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में भीड़ के सामने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई और भाग निकले। पुलिस चौकी से करीब 400 मीटर दूर हुई वारदात से लोगों में सनसनी फैल गई। जमीनी विवाद में हत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कातिलों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

झूंसी थाना क्षेत्र के शेरडीह गांव निवासी राजनाथ यादव किसानी करते हैं। उनका बेटा विद्यासागर सोमवार दोपहर चालक अमरजीत के साथ सिविल लाइंस स्थित बिहारी भवन के पास अपनी स्कार्पियों में शीशा लगवाने गया था। इसी दौरान आए बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फाय¨रग कर दी। पेट और कमर में गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा तो हमलावर फरार हो गए। आनन-फानन उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया।

आइजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी नितिन तिवारी, सीओ समेत कई थाने की फोर्स अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। कुछ घंटे बाद इलाज के बाद डॉक्टरों ने विद्यासागर को मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार में मातम छा गया। भाई अवनीश उर्फ चंचल ने दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कातिलों का पता लगा रही है। क्राइम ब्रांच समेत पुलिस टीम की चार टीमें हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई है। शॉपिंग प्लाजा में मजदूर की गला रेतकर हत्या :

प्रयागराज : शॉपिंग प्लाजा बिल्डिंग के हाता में सो रहे एक मजदूर की रविवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह खून से लथपथ लाश देख लोगों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने छानबीन की, लेकिन मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से कातिलों के बारे में पता लगा रही है।

कोतवाली थाना क्षेत्र के दयानंद मार्ग पर शिव प्रसाद केसरवानी की शॉपिंग प्लाजा के नाम से बहुमंजिली इमारत है। उसी हाते में करीब 50 वर्षीय पंडित नामक शख्स रहता था। वह दुकानदारों के बुलाने पर सामान लादने और उतारने का काम करता था। रविवार रात वह कंबल ओढ़कर हाते में सो रहा था, तभी किसी ने धारदार हथियार से गला रेतकर मार डाला। सोमवार सुबह जब शिव प्रसाद बिल्डिंग से नीचे उतरे तो लाश देख दंग रह गए। कुछ ही देर में सीओ रत्‍‌नेश सिंह, इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे।

पुलिस का कहना है कि मृतक को साथी मजूदर व दुकानदार केवल पंडित उपनाम से पुकारते थे। वह पहले बाई का बाग रहता था। पहचान के लिए विभिन्न थानों और आसपास के जिलों में मृतक की तस्वीर भेजी गई है। शिनाख्त होने के बाद हत्या कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल घटना स्थल के इर्द-गिर्द लगे सीसीटीवी फुटेज से कातिलों के बारे में सुराग लगाया जा रहा है। साथी मजदूरों समेत अन्य कई लोगों से पूछताछ चल रही है।

Posted By: Jagran

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