प्रयागराज, जेएनएन । पुलिस अगर वास्तव में पुलिसिंग करे तो क्राइम पर कंट्रोल तेजी से हो सकता है। बदमाशों में खाकी का खौफ भी बढ़ सकता है, पर पुलिस आम तौर पर ऐसी सक्रियता नहीं दिखाती। एक रोचक घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें पुलिस के सक्रिय होने पर बदमाश ऐसे डरे कि खुद ही लूटा गया बैग माल सहित वापस कर गए। मामला पडोसी जनपद प्रतापगढ़ का है।

शादी समारोह में आई थी महिला

शहर के मीरा भवन चौराहे पर गुरुवार देर शाम वाहन चेकिंग करने में पुलिस लगी थी। इसी बीच लखनऊ की किरन सिंह नामक एक महिला बस से वहां पर उतरीं। उन्होंने जैसे ही बैग उतारकर नीचे रखा, बाइकर्स आए और महिला को धमकाकर बैग लूटकर भाग निकले। चौकी प्रभारी के सामने यह वारदात हुई थी। पीडि़त महिला का परिवार लखनऊ में रहता है। वह प्रतापगढ़ में अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में आई थीं। लखनऊ में मौजूद परिजनों ने कहीं से प्रतापगढ़ पुलिस पर दबाव डलवाया। इस मामले के राजफाश के लिए सीओ क्राइम आलोक सिंह, सीओ सिटी, कोतवाली पुलिस व चौकी प्रभारी समेत कई टीमें लगा दी गईं। रात भर टीमें बदमाशों के संभावित ठिकानों पर दबिश देती रहीं।

रिश्‍तेदार के घर के सामने बैग फेंक गए बदमाश

इसका परिणाम यह हुआ कि शुक्रवार को भोर में बदमाश महिला का बैग घटनास्थल के पास उसके रिश्तेदार के घर के सामने फेंककर भाग गए। इसके बाद महिला को पुलिस की मौजूदगी में बैग सौंपा गया। सारा माल सलामत देख उन्होंने राहत की सांस ली। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस अपने बचाव में कह रही है कि लूट नहीं हुई थी। कोई गलती से बैग लेकर चला गया था, जो वापस कर गया। इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई। जबकि चौराहे पर रहे लोगों में चर्चा है कि वारदात हुई थी। यह बात इसलिए भी सही लग रही है, क्योंकि लगातार तीन दिन से मीरा भवन, रूपापुर में लूट व छिनैती होती रही है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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