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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus Prayagraj News : संक्रमण की चेन तोड़ेगी Allahabad University की आलमारी, इसमें है खूबी

By Brijesh SrivastavaEdited By:
Published: Thu, 06 Aug 2020 07:03 PM (IST)Updated: Fri, 07 Aug 2020 07:22 AM (IST)

Coronavirus Prayagraj News बी सेफ आलमारी यूवी लाइट आधारित उपकरण है। इससे दैनिक उपयोग के कपड़े और सामान को वायरस तथा बैक्टीरिया से मुक्त किया जा सकेगा।

Coronavirus Prayagraj News : संक्रमण की चेन तोड़ेगी Allahabad University की आलमारी, इसमें है खूबी
Coronavirus Prayagraj News : संक्रमण की चेन तोड़ेगी Allahabad University की आलमारी, इसमें है खूबी

प्रयागराज, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को अब आसानी से तोड़ा जा सकेगा। इससे काफी हद तक लगातार बढ़ रहे संक्रमितों के आंकड़े को भी थामा जा सकता है। इसके लिए इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अवध बिहारी यादव ने अपने शोध छात्र मनीष गौर के साथ मिलकर खास तरीके की आलमारी तैयार की है। कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर आरआर तिवारी ने गुरुवार को प्रशासनिक भवन (सीनेट हॉल) में इसका शुभारंभ भी कर दिया।

सामान को बैक्‍टीरिया और वायरस से मुक्‍त कर देगी यह आलमारी

डॉ. अवध बिहारी यादव ने बताया कि यह बी सेफ आलमारी यूवी लाइट आधारित उपकरण है। इससे दैनिक उपयोग के कपड़े और सामान को वायरस तथा बैक्टीरिया से मुक्त किया जा सकेगा। यह अनुसंधान ग्रेड स्टील शीट से बना है। खास बात यह है कि यह उपयोगकर्ता को यूवी प्रकाश के प्रत्यक्ष जोखिम से बचाता है। दो यूवी-सी ट्यूब कपड़े और सामान को सही तरह से कीटाणु मुक्त करने के लिए पर्याप्त तीव्रता के साथ लाइट उत्पन्न करती है।

टाइमर से लैस है आलमारी

इसके अलावा यह आलमारी टाइमर से लैस है, जो यूवी लाइट के समय को नियंत्रित करता है। इसे जरूरत के मुताबिक अलग-अलग एक्सपोजर टाइम के लिए सेट किया जा सकता है। इसे कैबिनेट मानक स्टील शीट का उपयोग करके बनाया गया है। इसमें यूवी प्रकाश के रिसाव की संभावना शून्य हो जाती है। कैबिनेट का आयाम 18 इंच गहराई, 27 इंच चौड़ाई 48 इंच ऊंचाई है।

सामानों को संक्रमण मुक्‍त करने में कारगर

इस आलमारी का उपयोग प्रयोगशाला, पैथोलॉजी केंद्र, हॉस्पिटल और घरेलू कपड़े और छोटे सामानों को वायरस और बैक्टीरिया से मुक्त करने के लिए भी किया जा सकता है। शिक्षा मंत्रालय के डिजाइन इनोवेशन परियोजना के अंतर्गत इस कार्य को वित्तीय सहयोग मिला है। डॉ. यादव ने बताया कि इसको शीघ्र ही बाजार में उचित दामों पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। शुभारंभ मौके पर डीन साइंस प्रोफेसर शेखर श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय, डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह, डीन कला प्रो. आरके सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल और पीआरओ डॉ. शैलेन्द्र मिश्र आदि उपस्थित रहे।