प्रयागराज, जागरण संवाददाता। एक साल चार महीने के कोविड-19 के इतिहास में रविवार को प्रयागराज के अच्छे दिन लौटे। दरअसल रविवार को जिले में एक भी संक्रमित नहीं मिला। यानी 483 दिन खेलकर कोरोना आखिर जीरो पर आउट हो गया। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरान भी खुशमिजाज रहे। कोविड जांच 5420 लोगों की हुई है और डिस्चार्ज पांच लोग हुए। जिले में कोरोना का पहला केस पांच अप्रैल 2020 को इंडोनेशियाई नागरिक में मिला था और तब उसे आधी रात को लेवल वन श्रेणी के कोटवा एट बनी कोविड अस्पताल में दाखिल किया गया था। हालांकि इस उपलब्धि के बाद भी स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर को लेकर आशंकित है।

हजारों लोगों को लील गई महामारी

कोरोना संक्रमण का साया जब से रहा तब से अब तक इसकी दो लहरें तबाही मचा चुकी हैं। पहली लहर अप्रैल 2020 में शुरू हुई थी और उसका प्रभाव सितंबर माह तक रहा। उसके बाद धीरे-धीरे संक्रमण में गिरावट आने लगी थी, हालांकि मौतों का सिलसिला दिसंबर माह 2020 तक भी चलता रहा। जबकि दूसरी लहर 15 मार्च 2021 के बाद शुरू हुई और दो माह में ही इसने जिले में भयंकर अफरा तफरी मचा दी थी। इसी लहर में सबसे अधिक संक्रमित मिले और मौतें भी अधिक हुईं। केवल स्वास्थ्य विभाग के ही आंकड़े बताते हैं कि दोनों लहर मिलाकर नौ सौ से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि अनुमानित तौर पर करीब चार हजार लोगों की जान जा चुकी है।

30 अप्रैल को हुई थी सबसे अधिक मौतें

दूसरी लहर के दौरान 30 अप्रैल को जिले में 25 संक्रमितों की मौत हो गई थी। उस दिन जिलेवासी दहल उठे थे। जबकि सबसे अधिक संक्रमित 2436 लोग 17 अप्रैल को मिले थे। उस दिन 14 लोगों की जान चली गई थी।

सक्रिय केस अब 150 से कम

एक जुलाई को कोरोना के सक्रिय केस 242 थे, इसमें दिनोंदिन गिरावट होती गई। हालांकि कुछ नए संक्रमित भी मिले। अब जिले में संक्रमित मामले 150 से कम हैं।

तीन 'टी से मिली कामयाबी

यह बड़ी खुशी का दिन है कि जिले में कोरोना का एक भी संक्रमित केस नहीं मिला। लगातार कोविड टेस्ट, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट से कामयाबी मिली है। लोगों को चाहिए कि मास्क लगाकर, हाथ सेनिटाइज करके व शारीरिक दूरी बनाकर इस कामयाबी को बनाए रखें। तीसरी लहर की आशंका हालांकि बलवती हो रही है लेकिन, वायरस अब अपना असर दिखा पाएगा इसकी उम्मीद कम है।

डा. नानक सरन, मुख्य चिकित्साधिकारी

Edited By: Ankur Tripathi