प्रयागराज, जेएनएन : पूरब का आक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में गुरुवार को 23 साल बाद दीक्षा समारोह शुरू हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता एवं बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी पहुंच गए हैं।

मुख्य अतिथि ने सबसे पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन के सामने स्थित शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह समारोह स्थल पर पहुंचे। यहां सबसे पहले विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया। कुलगीत से ही दीक्षा समारोह की शुरुआत हुई। इस समारोह में 63 मेधावियों को मेडल प्रदान किए जाएंगे। इसमें छह को चांसलर मेडल और 57 को दानदाता मेडल दिया जाएगा। इस समारोह में पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को कुलपति प्रो.रतन लाल हांगलू मानद उपाधि प्रदान करेंगे। दीक्षा समारोह को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। सुबह से विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह की तैयारियों को पूरा करने में जुटा रहा।

हॉस्टलों में लाइव प्रसारण की व्यवस्था:

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में दीक्षा समारोह के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है। हॉस्टलों में प्रोजेक्टर के जरिए समारोह का लाइव प्रसारण किया जा रहा है। ताकि जो छात्र समारोह स्थल पर न पहुंच सके। वह हॉस्टल में इस ऐतिहासिक पल का लाइव प्रसारण देख सके।

भारी पुलिस बल तैनात:

विश्वविद्यालय के आसपास के चौराहों से लेकर परिसर तक भारी पुलिस बल तैनात है। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर परिसर में धरना दे रहे छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। ऐसे में विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए परिसर के आसपास के तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। ताकि समारोह के दौरान अराजक तत्व किसी तरह का खलल न डाल सकें।

Posted By: Brijesh Srivastava

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