प्रयागराज, जेएनएन। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर संगम में डुबकी लगाई। यहां से यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद भी लिया। 

बेटी मिराया और तीन सहेलियों के साथ पहुंची प्रयागराज

गुरुवार को प्रियंका दिल्ली से बेटी मिराया और उनकी तीन सहेलियों तथा कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना के साथ 11:53 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी डॉ. विजयश्री तिवारी ने अगवानी की। इसके बाद उनका काफिला दोपहर 12:22 बजे पुश्तैनी आवास यानी आनंद भवन पहुंचा। यहां बेटी और उनकी सहेलियों को अपनी विरासत के बारे में बताया। कुछ देर बाद वह वहीं पर स्वराज भवन के चिल्ड्रेन नेशनल इंस्टीट्यूट पहुंचीं और बच्चियों से बात की। उनके लिए नाश्ता आया पर उन्होंने इन्कार कर दिया। इसके अलावा प्रतापगढ़ के सदर से प्रत्याशी रहे नीरज त्रिपाठी और पीसीसी सदस्य सुधाकर तिवारी से भी बात की। यहां से वह 01:13 बजे अरैल घाट के लिए निकलीं। यहां वह सुरक्षा घेरे में नाव पर सवार होकर संगम पहुंची और प्रोटोकाल तोड़कर तीन बार संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से तैनात तीर्थ पुरोहित प्रदीप पांडेय और संदीप मिश्र ने तकरीबन 15 मिनट तक पूजा कराई। पूजा के दौरान उन्होंने लाल रंग की एक साड़ी, नारियल, दूध, फूल, मिठाई, फल और रुद्राक्ष की माला के साथ दक्षिणा स्वरूप 2100 रुपये तीर्थ पुरोहित को भेंट किया।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से उनके आश्रम में जाकर लिया आशीर्वाद

तकरीबन 45 मिनट बाद वह नाव पर सवार होकर वापस लौटीं। इसके बाद मनकामेश्वर मंदिर में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लेने के बाद सीधे एयरपोर्ट पहुंची और शाम 04:48 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। यहां उन्होंने बेहतर व्यवस्था के लिए प्रमोद तिवारी और नेता सदन मुकुंद तिवारी को धन्यवाद ज्ञापित किया।