प्रयागराज,जेएनएन । सिविल सर्विसेज, प्रांतीय प्रशासनिक सेवाओं और अन्य भर्तियों के लिए तैयारी कराने वाले एक ऑनलाइन कोचिंग संस्थान में शुक्रवार को वाणिज्य कर विभाग ने छापेमारी की। करीब डेढ़ घंटे की जांच पड़ताल में पता चला कि संस्थान ने 2018-19 में दो करोड़ रुपये फीस जमा कराई थी, जबकि इसके बदले बन रहे करीब 30 लाख रुपये का कर (टैक्स) जमा नहीं किया। अधिकारियों के दल ने कहा है कि कोचिंग संस्थान से कर की वसूली की जाएगी।

कोचिंग संचालक से पूछताछ

शहर के अशोक नगर क्षेत्र से संचालित हो रहे ऑनलाइन कोचिंग संस्थान के बारे में वाणिज्य कर विभाग को पता चला था कि उसका संचालक अभ्यर्थियों से ली जाने वाली फीस और उसके बदले जमा होने वाले कर में कुछ गड़बड़ी कर रहा है। इस सूचना को पुख्ता कर उपायुक्त हेमंत कुमार गौतम के नेतृत्व में उपायुक्त मुकेश कुमार सिंह, लल्लन प्रसाद यादव व अन्य अधिकारियों ने दोपहर में छापेमारी की। उस समय वहां कोचिंग संचालक भी मिल गया। जांच पड़ताल के दौरान कोचिंग संचालक से पूछताछ की गई, अभिलेख देखे गए। इस बीच उन बैंकों से भी संपर्क किया गया जिनके माध्यम से अभ्यर्थियों से कोचिंग की फीस जमा कराई गई थी।

कागजात किए गए सील

कर उपायुक्त हेमंत कुमार गौतम ने बताया कि 2018-19 में कोचिंग संस्थान ने करीब दो करोड़ रुपये फीस जमा वसूली थी। उस समय कोचिंग संस्थान का पंजीयन भी नहीं था। बाद में पंजीयन कराया भी उसके बावजूद कर की अदायगी नहीं की। अधिकारियों ने कई कागजात सील कर दिए। बताया कि कोचिंग संचालक पर करीब 30 लाख रुपये कर चोरी का आरोप तय किया गया है। यह राशि वसूली जाएगी। 

Posted By: Brijesh Srivastava

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