प्रयागराज, जेएनएन। हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने रविवार को रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (आइसीटी) की बेंच का उद्घाटन किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यहां पर बेंच आने से लोगों को जल्दी मुआवजा मिल जाएगा। इससे इलाहाबाद का नाम भी होगा। 

प्रदेश की तीसरी बेंच प्रयागराज में खुली

इलाहाबाद हाई कोर्ट के सीजे ने शहर के वाल्मीकि चौराहा स्थित एनसीआर जीएम के पुराने कार्यालय में आइसीटी की बेंच का शुभारंभ किया। बता दें कि यह प्रदेश की तीसरी और देश की 20वीं बेंच है। उत्‍तर प्रदेश में लखनऊ और गोरखपुर में बेंच खुल चुकी है। उद्घाटन अवसर पर रेल दावा आधिकरण के न्यायाधीश केएस आहलूवालिया और एनसीआर के जीएम राजीव चौधरी समेत रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।

रेलवे क्‍लेम प्राप्‍त करने में यात्रियों को मिलेगी सहूलियत

ट्रेन में सफर करते समय, ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय हादसे का शिकार होने वाले यात्रियों को अब क्‍लेम के लिए परेशान नहीं जाना पड़ेगा। उत्तर मध्य रेलवे के क्षेत्र में कोई रेल हादसा या दुर्घटना होने पर अब तक पीडि़त को क्लेम के लिए लखनऊ जाना पड़ता था। इससे प्रयागराज और उसके आसपास के जिले के यात्रियों को परेशानी होती थी। इसी को ध्‍यान में रखकर प्रयागराज में रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (आरसीटी) की बेंच खोली गई है। बेंच में एक न्यायिक सदस्य और एक तकनीकी सदस्य रहेंगे, जो मामलों की सुनवाई करके उसका निस्तारण करेंगे।

इन जिलों के मामलों के निपटारे यहां होंगे

प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, जौनपुर, सोनभद्र, वाराणसी, बांदा, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, जालौन, झांसी, कन्नौज, ललितपुर, महोबा, मीरजापुर।

Posted By: Brijesh Srivastava

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