प्रयागराज, जेएनएन। गंगा-यमुना में आई बाढ़ से तटीय इलाकों में बसे लोग दहशत में हैं। दोनों नदियों के कोप को शांत करने के लिए अब पूजा-पाठ और अनुष्ठान का भी सहारा लिया जाने लगा है। लोगों को इस डर और समस्या से निजात दिलाने के लिए तीर्थ पुरोहितों ने यमुना बैंक रोड पर काली मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान किया ताकि नदियों का वेग शांत हो सके।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 1100 आहुतियां दी गईं

यज्ञ अनुष्ठान सतेंद्र तिवारी के आचार्यत्व में किया गया। यज्ञ करने के बाद पंडित अंकुश शर्मा ने कहा कि नदियों के रौद्र रूप को शांत करने के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 1100 आहुतियां दी गईं। गंगा और यमुना को चुनरी, नारियल तथा दूध अर्पित किया गया। साथ ही जनमानस के कल्याण के लिए मां गंगा और यमुना से प्रार्थना की गई। इस अवसर पर अवधेश शर्मा, शुभम पांडेय, शांतनु शर्मा, लाल तिवारी, मोनी, अभिषेक पांडेय और सचिन शर्मा आदि मौजूद रहे।

यमुनापार में बाढ़ प्रभावितों के लिए मांगी फोर्स

गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही सहायक नदियां भी उफान पर हैं। यमुनापार में टोंस नदी भी खतरे के निशान पर हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है। उन्हें आशंका है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसे देखते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अतिरिक्त फोर्स मांगी गई है। एहतियात के तौर पर जरूरी स्थानों पर एसडीआरएफ को लगाया गया है।

टोंस नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही

पुलिस के मुताबिक, यमुनापार के बारा और नारीबारी इलाके में टोंस नदी गुजरती है। बाढ़ के कारण इस नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। 2013 में नदी में कटान होने के कारण आसपास के गांव के सैकड़ों मकान डूब गए थे। कई बीघा फसल भी जलमग्न हो गई थी। इस बार भी नदी के किनारे बसे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।

ग्रामीणों में दहशत व्‍याप्‍त

ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से अनहोनी की आशंका जताई है। इसे देखते हुए दो प्लाटून फ्लड कंपनी पीएसी की मांग की गई है। हालांकि अभी तक दूसरे जिले से बाढ़ राहत पीएसी का दल नहीं आ सका है, लिहाजा नारीबारी में एसडीआरएफ को तैनात किया गया है।

जल पुलिस प्रभारी कड़ेदीन यादव का कहना है कि मांगी गई फोर्स अभी नहीं आई है, लेकिन आवश्यकतानुसार एसडीआरएफ को लगाया गया है।

गंगा के घाट पर ही करें स्नान

संगम और गंगा में स्नान करने वालों से जल पुलिस ने अपील की है कि वह बनाए गए घाटों पर ही स्नान करें। बिना घाट वाले स्थान पर स्नान के दौरान हादसा हो सकता है। बाढ़ के कारण गंगा में कटान भी बहुत हुआ है, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। सभी घाटों पर जल पुलिस के जवान और गोताखोरों की तैनाती की गई है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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