प्रयागराज : आज हवा प्रदूषित हो रही है। हवा का प्रदूषण यानी बीमारियों को आमंत्रण देना है। जिस देश का व्यक्ति बीमार होगा वह कभी समृद्ध नही हो सकता। बीमारी भगाने के लिए हमें पौध लगाना होगा। पेड़ों के साथ जल को भी बचाना होगा। यह कहना है परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती 'मुनि जी' का। वह अलंकार टंडन के आवास पर आयोजित आर्ट फेस्टिवल के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

 आम जनमानस को पेड़ों का महत्व बताने के लिए स्वामी चिदानंद ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर नहीं, बल्कि तुलसी का पौधा देकर किया। बोले जल्द ही जन चेतना को जल चेतना बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल होगा तभी कुंभ होगा। जल नहीं होगा तो न व्यक्ति रहेगा, न तीज, त्योहार होंगे। जल तभी बचेंगे जब पेड़ रहेंगे। बोले, प्रयाग का कुंभ पर्यावरण कुंभ बनाया जाएगा। हर व्यक्ति तुलसी, पीपल, आम जैसे पौधे लगाएं।

स्वामी चिदानंद ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होने वाला यह कुंभ अद्भुत और अविस्मरणीय होगा। यह कुंभ देखकर पूरी दुनिया आश्चर्यचकित रहेगी। उन्होंने विश्व के लोगों से आह्वान किया कि वह कुंभ का हिस्सा बनकर स्वयं का जीवन सार्थक करें। मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल ने पेंट माई सिटी अभियान की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया में उसके प्रचार पर जोर दिया। एडीए उपाध्यक्ष भानुचंद्र गोस्वामी ने इंदिरा भवन की पेंटिंग को लेकर विस्तार से जानकारी दी। बताया कि इंदिरा भवन को इंद्रधनुषी रंगों से रंगकर आइकोनिक भवन बनाया जा रहा है।

इसके पूर्व स्वामी जी ने प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना से सर्किट हाउस में मुलाकात की। उन्होंने बताया कि गंगा एक्शन परिवार, परमार्थ निकेतन, ग्लोबल इंटरफेथ वाश, एलायंस एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से प्रयागराज कुंभ को यादगार बनाने के लिए विश्वस्तरीय कार्यक्रम कराए जाएंगे। कुंभ के दौरान योग, सांस्कृतिक, सामाजिक, पर्यावरण, युवाओं, दिव्यांगों, सैनिक, शहीद, जल, जंगल, जमीन, पेड़, पानी, पहाड़, महिलाओं, संस्कृति, अपना भारत आदि अनेक विषयों पर वैचारिक गोष्ठी व कार्यक्रम आयोजित होंगे।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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