प्रयागराज, [अंकुर त्रिपाठी]। देवरिया जेल कांड की जांच कर रही सीबीआइ बाहुबली माफिया अतीक अहमद एंड कंपनी के जमीन सौदे भी खंगाल रही है। अतीक और उनके करीबियों की नामी और बेनामी जमीनों के बारे में पता लगाया जा रहा है। रीयल एस्टेट में उनके निवेश के स्रोतों की भी जांच हो रही है। ऐसे में अतीक के साथ प्रापर्टी के कारोबार में पैसे लगाने वाले कई नौकरशाह भी फंदे में आ सकते हैं।

खुल्दाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर अतीक को पुलिस ने आइएस-227 घोषित कर रखा है

पांच बार विधायक और एक बार फूलपुर के सांसद रहे अतीक अहमद ने शुरुआती दौर में रेलवे के स्क्रैप का कारोबार किया। बाद में उन्होंने जमीन के सौदों से बेशुमार दौलत बनाई। खुल्दाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर अतीक अहमद को पुलिस ने सक्रिय इंटर स्टेट गैंग का सरगना (आइएस -227) घोषित कर रखा है जिसका अपराध डरा-धमकाकर जमीन हड़पना है। पुलिस द्वारा तैयार भू माफिया की सूची में भी अतीक का नाम पहले नंबर पर है। अतीक एंड कंपनी प्रयागराज समेत पड़ोसी जनपदों में लोगों से जबरन औने-पौने दाम में जमीन लेकर कई गुना कीमत पर बेचती रही है।

लखनऊ के कारोबारी को अगवा कर मारपीट मामले में सीबीआइ कर रही जांच

लखनऊ के रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में पीटने और उनकी पांच कंपनियों पर जबरन कब्जा करने के मुकदमे की जांच कर रही सीबीआइ अतीक और उनके करीबियों के जमीन के सौदों की तह में जाने की कोशिश कर रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान सीबीआइ को पता चला कि प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद समेत कई अन्य महानगरों में तमाम मॉल, होटलों, बहुमंजिला इमारतों में अतीक का पैसा लगा है। दर्जनों ग्र्रुप हाउसिंग में अतीक कंपनी की हिस्सेदारी है।

 छापेमारी के दौरान भी सीबीआइ ने जमीन सौदों के दस्तावेज कब्जे में लिए थे

अतीक से पीडि़त कई बिल्डरों ने भी सीबीआइ को अहम जानकारियां दी हैं। 17 जुलाई को यहां अतीक और उनके करीबियों के घरों में छापेमारी के दौरान भी सीबीआइ ने जमीन सौदों के दस्तावेज कब्जे में लिए थे। अतीक के करीबी सूत्रों ने बताया कि सीबीआइ के निशाने पर मुस्लिम, इमरान, अच्छे, रफात, शेख अबरार, साले जकी अहमद समेत 15 से ज्यादा स्थानीय करीबी हैं। इन सभी के खिलाफ यहां करेली, धूमनगंज, खुल्दाबाद समेत अन्य थानों में गुंडागर्दी और धमकी देकर जमीन कब्जाने के मुकदमे दर्ज हैं। जकी को सीबीआइ ने 17 जुलाई को गिरफ्तार किया था, जिसे जेल भेज दिया गया। दूसरे जिलों के बिजनेस पार्टनर के साथ पार्टनरशिप में की गई रियल इस्टेट डील खंगाली जा रही है। सुबूत समेत ब्योरा जुटाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

सूरजकली का केस रहा है सुर्खियों में

धूमनगंज के झलवा इलाके में रहने वाली सूरजकली ने अतीक, अशरफ और उनके करीबियों पर जबरन जमीन हड़पने कई मुकदमे दर्ज कराए हैं। सबसे पहले 2007 में सूरजकली की तरफ से अतीक के खिलाफ जबरन जमीन कब्जाने का केस लिखाया था। 2017 में सूरजकली और उनके बेटे पर जानलेवा हमले में ही अतीक के भाई अशरफ की पुलिस को तलाश थी जो तीन साल से फरार रहा।

ओखला के मकान में छिपा था अशरफ

दिल्ली में अतीक की प्रापर्टी के बारे में 2011 में भी पता चला था जब फरार चल रहे छोटे भाई अशरफ को एसटीएफ ने नोएडा में गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह दिल्ली के ओखला में अतीक के मकान में फरारी काट रहा था।

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Posted By: Brijesh Srivastava

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