प्रयागराज, जेएनएन। नोटबंदी के दौरान बैंकों में मोटी रकम जमा करने वालों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। उस दौरान जिन लोगों को नोटिस भेजी गई थी, उसमें बहुतों ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। ऐसे लोगों के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। अगर वह 31 दिसंबर तक विभाग में अपना जवाब नहीं दाखिल करते हैं तो उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई कर दी जाएगी। ऐसे व्यक्तियों पर शत-प्रतिशत जुर्माना के अलावा 24 फीसद ब्याज भी लगेगा। 

ओसीएम के तहत बैंकों में मोटी रकम जमा करने वाले 800 लोग चिह्नित

आयकर विभाग के इलाहाबाद प्रभार (चार्ज) में आपरेशन क्लीन मनी (ओसीएम) के तहत 800 से अधिक ऐसे लोग चिह्नित किए गए थे, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंकों में मोटी रकम जमा की थी। विभाग की ओर से इनको जवाब देने के लिए ऑनलाइन नोटिस की गई थी लेकिन लोगों ने खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब तक करीब 200 लोगों ने ही विभागीय अफसरों के पास अपना जवाब दाखिल किया है। 600 से ज्यादा लोगों ने जवाब नहीं दिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने इन मामलों के निस्तारण के लिए 31 दिसंबर तक समय सीमा बढ़ा दी है। तय समय सीमा में जवाब न देने वालों के खिलाफ धारा 144 के तहत एक पक्षीय कार्रवाई के निर्देश भी अफसरों को जारी कर दिए गए हैं।

बोले प्रधान आयकर आयुक्त

प्रधान आयकर आयुक्त सुबचन राम ने बताया कि नोटबंदी में जिन्होंने रकम जमा की है, उन्हें यह बताना है कि उसमें कितना सही और कितना गलत है। जवाब न देने पर 100 फीसद पेनाल्टी और तीन तरह के ब्याज मिलाकर 24 फीसद इंटरेस्ट लगेगा।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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