विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हेलो! डॉक्टर साहब, छोटी बात को लेकर पति से हमेशा झगड़ा हो जाता है

By Brijesh SrivastavaEdited By:
Published: Mon, 25 Mar 2019 08:29 PM (IST)Updated: Tue, 26 Mar 2019 10:37 AM (IST)

काल्विन अस्पताल में हेल्पलाइन शुरू हो गया है। इसके बाद से फोन पर मानसिक समस्याओं पर लोग मनोचिकित्सकों से राय लेने लगे हैं।

हेलो! डॉक्टर साहब, छोटी बात को लेकर पति से हमेशा झगड़ा हो जाता है
हेलो! डॉक्टर साहब, छोटी बात को लेकर पति से हमेशा झगड़ा हो जाता है

प्रयागराज : हेलो! डॉक्टर साहब मैं सोनी (परिवर्तित नाम) बोल रही हूं। दो माह पहले ही मेरी शादी हुई है। पति व अन्य सदस्यों से छोटी-छोटी बात को लेकर झगड़ा हो जाता है। ऐसे में मैं बहुत तनाव में रहती हूं। क्या मुझे कोई मानसिक बीमारी तो नहीं है? मनोचिकित्सक फोन पर समझाते हुए कहते हैं यह कोई मानसिक बीमारी नहीं है। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। अभी आप अपने ससुराल में ठीक से घुल मिल नहीं पार्ई हैं। आप बिना गुस्सा किए पति व अन्य सदस्यों से सामंजस्य बनाने का प्रयास करें। जल्द ही सब ठीक हो जाएगा।

काल्विन अस्पताल के 'मन कक्ष' में खुला हेल्पलाइन

काल्विन अस्पताल के 'मन कक्ष' में हेल्पलाइन नंबर शुरू होने पर पहले ही दिन एक नवविवाहिता ने इस तरह अपनी समस्या पेश की। इसी तरह करीब 150 फोन इस नंबर पर आए। इसमें अधिकांश मामले पति-पत्नी के झगड़े, पारिवारिक समस्या, पढ़ाई से संबंधित रहे।

7705979478 नंबर पर समस्या बता सकते हैं

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत काल्विन अस्पताल में सोमवार को एक हेल्पलाइन नंबर 7705979478 जारी किया गया। अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीके सिंह ने इसका शुभांरभ किया। 'दैनिक जागरण' के 25 मार्च के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, जिसमें हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया। सोमवार को लोगों ने इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके मनोचिकित्सक व काउंसलरों से संपर्क किया। इसमें ऐसे लोग थे जो मानसिक रूप से परेशान हैं या तनाव में हैं।

इस युवक की अजीब समस्या थी

पहले दिन डेढ़ सौ से अधिक फोन आए। एक युवक ने अजीब समस्या बताई। उसने हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके बताया कि मुझे किसी स्थल विशेष से एलर्जी है। फिर कहा कि वहां जाकर अपनी भड़ास निकालने में सुकून मिलता है। मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान ने जवाब दिया, यह एक तरह की मानसिक बीमारी है जिसे ओसीडी कहते हैं। इसके लिए आपको काउंसिलिंग की जरूरत है। आप काल्विन अस्पताल के मन कक्ष में संपर्क करें। मन कक्ष में डॉ. ईशान्या राज, संजय तिवारी, शैलेश आदि मौजूद रहे।