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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bulldozer Action In UP : प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद हिंसा के मामले में भगोड़ों के खिलाफ तेज होगी कार्रवाई, बुलडोजर चलाने की तैयारी

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 26 Jun 2022 11:40 AM (IST)Updated: Sun, 26 Jun 2022 11:46 AM (IST)

Bulldozer Action In UP After Violence प्रयागराज में दस जून को जुमे की नमाज के बाद अटाला इलाके में जमकर ...और पढ़ें

Police Ready Bulldozer Action in Prayagraj After Violence
Police Ready Bulldozer Action in Prayagraj After Violence

प्रयागराज, जेएनएन। संगमनगरी प्रयागराज में दस जून को अटाला क्षेत्र मे जुमे की नमाज के बाद हिंसा के मामले में मुख्य आरोपित जावेद अहमद पंप के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब एआइएमआइएम के जिला अध्यक्ष की बारी है। जिलाध्यक्ष शाह आलम के खिलाफ भी बुलडोजर का एक्शन होना तय है। हिंसा के मामले में भगोड़ा शाह आलम के घर पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा किया है।

प्रयागराज के करेली की गौस कालोनी में शाह आलम के मकान के निर्माण को अवैध बताया गया है। इसी मामले में उसके घर पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने नोटिस चस्पा किया है। इस नोटिस में मकान के निर्माण को अवैध बताया गया है। शाह आलम को इस प्रकरण पर 29 जून को 11 बजे तक जवाब दाखिल करने का समय भी दिया गया है। उसकी तरफ से मकान के निर्माण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। यानी कि शाह आलम के अलीशान मकान पर बुलडोजर चलेगा। करेली में गौस नगर कालोनी में शाह आलम का घर भाई मकसूद अहमद के नाम पर है। शाह आलम पर प्रयागराज में दस जून को जुमे की नमाज के बाद बड़ी हिंसा की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।

प्रयागराज में दस जून को जुमे की नमाज के बाद अटाला इलाके में जमकर बवाल हुआ था। बवाल के मामले में फरार उपद्रवियों का पता पुलिस को नहीं चल पा रहा है। हर संभावित स्थानों पर दबिश देने के बाद भी सफलता नहीं मिल सकी है। ऐसे में पुलिस को आशंका है फरार उपद्रवियों ने दूसरे राज्यों में शरण ले रखी है। ऐसे में अब इनके करीबियों पर नजर रखी जा रही है।

एआइएमआइएम जिलाध्यक्ष व पार्षद फरार : अटाला में हुए बवाल के नामजद आरोपितों में एआइएमआइएम के जिलाध्यक्ष शाह आलम, पार्षद फजल खां समेत अन्य फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हैं। करीबियों, रिश्तेदारों के यहां दबिश दी जा चुकी है। इनके बारे में कोई पता नहीं चल पाया है। फरार उपद्रवियों ने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर रखा है, जिस कारण उसकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रही है।

पुलिस को यह जानकारी मिली है कि फरार उपद्रवियों में अधिकांश के करीबी दिल्ली, मुंबई और पंजाब में रहते हैं। आशंका है कि इन सभी ने गिरफ्तारी के डर से वहां शरण ले रखी है। वह किसी न किसी माध्यम से यहां रहने वाले अपने खास करीबियों से बातचीत कर रहे होंगे। गोपनीय तरीके से पुलिस इन खास करीबियों के बारे में जानकारी एकत्र कर उन सभी की निगरानी कर रही है।