गुरुदीप त्रिपाठी, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के ब्लड बैंकों में अब खून की कमी नहीं होने पाएगी। इसके लिए युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कालेज इस दिशा में कार्य करेंगे। वह समय-समय पर रक्तदान करावाकर ब्लड बैंकों का 'खजाना' भरेंगे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कुलाधिपति की हैसियत से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने रक्तदान शिविर लगवाने और इसके लिए कैलेंडर जारी करने को कहा है।

रक्तदान शिविर के लिए कैलेंडर भी जारी करने का फरमान

कुलाधिपति के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता की तरफ से जारी पत्र के मुताबिक प्रदेश में समय-समय पर विभिन्न समूहों के रक्त की आवश्यकता विभिन्न मरीजों को पड़ती रहती है। कोरोनाकाल की विषम परिस्थितियों में यह आवश्यकता पड़ी भी थी। इसके लिए आवश्यक है कि प्रदेश में संचालित विभिन्न पंजीकृत ब्लड बैंकों में विभिन्न श्रेणी का रक्त संचय कर सुरक्षित करना सुनिश्चित किया जाए। निर्देशित किया गया है कि सभी विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालय स्थानीय जिला प्रशासन और पंजीकृत ब्लड बैंकों से समन्वय स्थापित करते हुए अनवरत रक्तदान कार्यक्रमों का विशेष आयोजन कराएं। इससे जनसामान्य एवं पीड़ित परिवारों को आपातकाल में विभिन्न समूह के रक्त की उपलब्धता बनी रहेगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय इसके लिए एकेडमिक की तर्ज पर कैलेंडर जारी करें। उसी के अनुरूप यह विशेष आयोजन अनवरत चलता रहे।

कई केंद्र लगाने लगे हैं रक्तदान शिविर

रक्तदान शिविर के बारे में पल-पल की जानकारी भी राजभवन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। राजभवन के निर्देश पर प्रयागराज के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध मंडल के चारों जनपदों (प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़) के महाविद्यालय, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय और उसके क्षेत्रीय केंद्र समेत तमाम विश्वविद्यालयों ने शिविर लगाने शुरू कर दिए हैं।

कुलपति ने यह बताया

राजभवन के निर्देश पर एक बार रक्तदान शिविर लगाकर 15 यूनिट ब्लड जुटाया गया है। महाविद्यालयों को भी पत्र जारी कर इस आदेश का पालन करने को कहा गया है। तमाम महाविद्यालय शिविर लगवा भी चुके हैं। अब यह अनवरत चलता रहेगा और रिपोर्ट राजभवन को भेजी जाती रहेगी।

- डा. अखिलेश सिंह, कुलपति, प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय।

Edited By: Ankur Tripathi