प्रयागराज, जागरण संवाददाता। नैनी इलाके के अरैल में  भाजपा नेता अभिलाष पांडेय की हत्या में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्त विवेक तिवारी ने पुलिस को बताया कि पिस्टल अभिलाष की थी। वह उस पिस्टल को लेकर देख रहा था, तभी गोली चल गई थी। उसने कोर्ट में भी ऐसा ही बयान दिया है। हालांकि पुलिस आरोपित के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसके बयान पर पूरी तरह मुतमईन नहीं है। साथ ही घटना के चश्मदीद अभिलाष के साथियों ने कहा है कि पिस्टल विवेक ही लेकर आया था। इस आधार पर पुलिस अब घटना की वजह पता लगाएगी। इस तथ्य की भी छानबीन होगी कि अभिलाष अपने घर पर दोस्तों के साथ बैठा था। अगर विवेक के हाथ से गोली गलती से चली तो अभिलाष के ही सीने पर क्यों लगी। किसी दूसरे शख्स को गोली क्यों नही लगी। ऐसे में उसके मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट को भी खंगाला जा रहा है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि अभियुक्त सच बोल रहा है या फिर झूठ। गिरफ्तार आरोपित को पुलिस ने नैनी जेल भेज दिया और मृतक के साथियों को मामले में गवाह बनाया है।

छोला समोसा खाते वक्त लगी थी गोली

अरैल में यह घटना बुधवार दोपहर की है। पूजा-पाठ कराने वाले दीनानाथ का इकलौता बेटा अभिलाष पांडेय घर के भीतर अपने दोस्तों के साथ छोला समोसा खा रहा था। तभी गोली चली और उसके सीने पर लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी कई घंटे बाद पुलिस को एसआरएन  अस्पताल से चौकी से मिली। मामले में दीनानाथ की तहरीर पर पुलिस ने विवेक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। उसे बुधवार रात ही पकड़ लिया गया था और पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना की कहानी बयां की। एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित का कहना है कि अभियुक्त ने अपने बयान में कहा है कि पिस्टल अभिलाष की थी, मगर उसके दोस्त दूसरी बात बता रहे हैं। वहीं, इंस्पेक्टर नैनी ने बताया कि विवेक के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। इस घटना के पहले भी वह जेल जा चुका है। ऐसे में उसका आपराधिक इतिहास इस घटना में उसे संदिग्ध बना रहा है।

Edited By: Ankur Tripathi