प्रयागराज, जेएनएन। यूपी के प्रतापगढ़ के ऐतिहासिक भरत मिलाप संपन्‍न हो गया है। इस ऐतिहासिक पल का आनंद सोमवार की भोर में हजारों लोगों ने लिया। रावण के अहंकार को नष्ट करने के बाद श्रीराम 14 बरस के बाद अयोध्या लौटे तो उल्लास का वातावरण छा गया। अनुज भरत को गले से लगाने पर दोनों भाइयों समेत उपस्थित लोगों की आंखें नम हो उठीं। यह दृश्य नगर के चौक घंटाघर पर संपन्‍न हुआ।

रात भर लोगों ने आकर्षक चौकियों का लिया आनंद

रविवार की शाम से लेकर रात तक कई बार बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ l मेला क्षेत्र में हर तरफ कीचड़ और फिसलन होने के बावजूद इसको दरकिनार कर लोगों ने आस्था के महापर्व में सहभागिता निभाई। रात भर चौकियों और दलों के आकर्षक प्रदर्शन का आनंद लेने के बाद हजारों लोग अपने आप ही भोर में चौक के चारों ओर एकत्रित हो गए।

विशिष्‍टजनों ने श्रीराम की उतारी आरती

चारों भाइयों (श्रीराम, भरत, लक्ष्‍मण व शत्रुघ्‍न) समेत श्रीहनुमान और सीताजी को चौक घंटा घर पर बने मंच पर आसीन किया गया। प्रभु राम ने राजगद्दी पर खड़ाऊं रखकर अपनी प्रतीक्षा कर रहे भरत को गले से लगाकर भाइयों में प्रेम और त्याग की भावना का संदेश दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डाक्‍टर नितिन बंसल, पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल, अतिथि के रूप में समाजसेवी प्रज्ञा सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमलता सिंह ब्लाक प्रमुख मंगरौरा राजीव प्रताप सिंह नंदन समेत अतिथियों अधिकारियों ने भगवान की आरती उतारी।

मेले में पुलिस व पीएसी की रही तैनाती

इसके बाद ओम जय जगदीश हरे की आरती का सामूहिक गायन किया गया l आचार्य आलोक मिश्रा और विक्की महाराज ने मंत्रोच्चार किया। पूरा नगर भगवान के जयकारों से गूंज उठा। हजारों लोग यह देखकर भावविभोर हो गए। सुरक्षा को लेकर पूरे मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।

Edited By: Brijesh Srivastava