प्रयागराज, जेएनएन। गांव की जनता की सेहत सुधारने के लिए एएनएम सेंटरों की सेहत पहले सुधारी जाएगी। इसके लिए इन सेंटरों का उच्चीकृत कर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में बदला जाएगा। दूसरे चरण में 111 सेंटरों का चयन किया गया है, जो शीघ्र ही नए स्वरूप में दिखेंगे।

 अधिकांश एएनएम सेंटर ग्रामीणों के कब्जे में हैं

एएनएम सेंटरों की स्थिति दयनीय स्थिति में है। अधिकांश सेंटर तो ऐसे हैं जो ग्रामीणों के ही कब्जे में हैं। यही कारण है कि एएनएम इस सेंटर पर बैठने के बजाय गांव के ही किसी के घर बैठती हैं। सरकार अब इन सेंटरों का स्वरूप बदलने में जुटी है। जिले के करीब 30 सेंटरों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में तब्दील कर दिया गया है। अब 111 नए सेंटरों को इसमें तब्दील किया जाएगा। प्रदेश के कुल पांच हजार एएनएम सेंटर चिह्नित किए गए हैं। एक एएनएम सेंटर के लिए सात लाख रुपये आंवटित किए गए हैं। 

मिलेगी यह सुविधा

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हीमोग्लोबिन, गर्भ के बीमारियों की जांच, डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस,  बलगम, टाइफाइड आदि की जांच की  सुविधा मिलेगी। इसके अलावा गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग आदि की व्यवस्था होगी। योगाभ्यास भी कराने की सहूलियत होगी।

बोले अधिकारी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनोद सिंह का कहना है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ग्रामीणों के इलाज में काफी मददगार साबित होगा। चिकित्सकीय टीम यहां मौजूद रहेगी। 

 

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