प्रयागराज, जेएनएन। 'एक अनार सौ बीमार'- वाली कहावत तो सुनी होगी आपने, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पद की भर्ती में आवेदकों की संख्या ने उस कहावत को काफी पीछे छोड़ दिया है। इस भर्ती में एक पद के लिए सौ नहीं, बल्कि 1700 दावेदारों की लंबी फौज है। इससे चयन का मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPPSC) ने खंड शिक्षा अधिकारी 2019 के तहत 309 पदों की भर्ती निकाली है। इसमें पांच लाख 28 हजार से अधिक आवेदन आए हैं। यानी एक पद पर सफल होने के लिए 1700 अभ्यर्थियों के बीच टक्कर होगी।

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने 12 दिसंबर, 2019 को 12 साल बाद खंड शिक्षा अधिकारी पद की भर्ती निकाली है। इसके पहले 2007 में इस पद की भर्ती निकली थी। ऑनलाइन आवेदन के तहत फार्म 13 जनवरी तक सबमिट कराए गए। अंतिम तारीख पर 72 हजार के लगभग आवेदन हुए हैं। अब फार्मों की जांच करके लिखित परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी, लेकिन लाखों फार्म आने से उसके परीक्षण में समय लग सकता है।

...तो संख्या और बढ़ जाती

सीएए को लेकर दिसंबर माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उग्र आंदोलन हुआ। इसके चलते तीन-चार दिन तक कई जिलों में इंटरनेट सेवा बंद थी। इससे उन जिलों के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाए। इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद आवेदन शुरू हुआ तो सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा था। हजारों अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनका आवेदन तो हो गया, लेकिन परीक्षा की फीस जमा नहीं हो पायी। इससे उनका अभ्यर्थन निरस्त हो गया। वह फीस जमा करने के लिए आयोग का चक्कर काट रहे हैं। अगर उनका आवेदन भी स्वीकार हो जाएगा तो संख्या और बढ़ जाएगी।

मेरिट से निकलेगा रिजल्ट, नहीं होगा इंटरव्यू

खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पद की भर्ती में परीक्षार्थियों का इंटरव्यू नहीं होगा। प्रारंभिक परीक्षा (प्री) में सफल होने वाले मुख्य परीक्षा (मेंस) में शामिल होंगे। चयन मुख्य परीक्षा की मेरिट के आधार पर ही किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा 300 नंबर की होगी। इसमें ढाई-ढाई नंबर के 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए दो घंटे दिए जाएंगे।

Posted By: Umesh Tiwari

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