प्रयागराज, राजेंद्र यादव। साइबर शातिरों से बचना है तो आपको हर फोन कॉल और मैसेज के प्रति सावधान रहना होगा। वे रोज-रोज नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इधर कुछ समय से कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगा जा रहा है। लोगों के मोबाइल पर मैसेज और आडियो भेजा जा रहा है। इसमें कौन बनेगा करोड़पति शो की तरफ से निकाली गई लॉटरी में 25 हजार से 25 लाख रुपये तक जीतने की बात कही जा रही है। पूरी जानकारी के लिए वाट्सएप नंबर पर कॉल करने को कहा जाता है। लालच में पड़कर किसी ने इन नंबरों पर फोन किया तो उनका बैंक खाता खाली होना तय है। कई ऐसे मामले साइबर थाने में आ चुके हैं।

मोबाइल पर भेजा जा रहा मैसेज और आडियो

मैसेज के साथ भेजे गए आडियो में एक युवती की आवाज है। वह कहती है कि कौन बनेगा करोड़पति डिपार्टमेंट से बोल रही है। आपकी लॉटरी का नंबर लगा है और इसकी धनराशि एसबीआइ बैंक में भेज दी गई है। किसी कारणवश अगर रुपये खाते में न पहुंचे हों तो मैसेज में दिए गए वाट्सएप नंबर पर कॉल कर सकते हैं। वाट्सएप नंबर पर कॉल करने पर फोन रिसीव करने वाला व्यक्ति खुद को एसबीआइ बैंक का बहुत बड़ा अफसर बताता है। वह बैंक खाते के बारे में पूरी जानकारी लेने के साथ ही आधारकार्ड के बारे में पूछता है। इसके बाद बैंक खाता खाली कर दिया जाता है।

इन्होंने दिखाई समझदारी तो बच गए ठगी से

मुट्ठीगंज के रहने वाले राम प्रसाद केसरवानी के मोबाइल पर मैसेज और आडियो आया। उन्होंने आडियो सुना और फिर वाट्सएप पर फोन लगाया। कुछ बातें करने के बाद फोन रिसीव करने वाले ने बैंक खाते के बारे में जानकारी मांगी तो राम प्रसाद ने देने से इंकार कर दिया, जिस पर उसने फोन काट दिया। राम प्रसाद पूरा मामला समझ गए और साइबर थाने में इसकी सूचना दी।

महिला को भी झांसे में लेने का प्रयास 

आजाद स्क्वायर की रहने वाली संगीता के मोबाइल पर भी ऐसा ही मैसेज और आडियो आया। 25 लाख रुपये जीतने की बात कही गई। उन्होंने भी वाट्सएप पर फोन लगाया तो बैंक खाते और आधारकार्ड के बारे में जानकारी देने को कहा गया। इंकार करने पर कहा गया कि अगर वह जानकारी नहीं देंगी तो उनके खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। हालांकि, संगीता ने कुछ नहीं बताया।

साइबर थाना प्रभारी का बयान

कौन बनेगा करोड़पति में लॉटरी निकलने का झांसा देकर लोगाें को जालसाजी का शिकार बनाने की कोशिश हो रही है। ऐसी कई शिकायतें सामने आईं हैं। लोगों को ऐसे झांसे से बचने की जरूरत है। किसी को भी अपने बैंक खाते और आधारकार्ड के बारे में जानकारी न दें।

राजीव तिवारी, साइबर थाना प्रभारी।

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