प्रयागराज, जेएनएन। Ban on PFI: पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगने से प्रयागराज जिले में रहने वाले इसके कथित समर्थकों की कमर टूट जाएगी। इसके साथ ही संगठन का नैतिक समर्थन करने वालों को झटका लगा है, जिससे उनके बीच खलबली मची हुई है। पुलिस रिकार्ड में भले ही यहां पीएफआइ का कोई कार्यालय और पदाधिकारी नहीं है, लेकिन चोरी-छिपे समर्थन करने वाले जरूर रहते हैं।

ATS ने पिछले दिनों चलाया था गोपनीय आपरेशन

पिछले दिनों आतंकवाद निरोधक दस्ता एटीएस ने शहर के करेली, शाहगंज, खुल्दाबाद, चौक, अतरसुइया और अटाला समेत अन्य इलाकों में गोपनीय तरीके से सर्च आपरेशन चलाया था। यहां एटीएस ने PFI का कनेक्शन खंगालते हुए कई लोगों के बारे में जानकारी जुटाई थी। हालांकि किसी शख्स का पीएफआइ से सीधा कनेक्शन न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

रोशनबाग में हुए विरोध प्रदर्शन में भी आई बात थी फंडिंग की बात

सीएए-एनआरसी के विरोध में रोशनबाग में लंबे समय तक चले धरना-प्रदर्शन में पीएफआइ की ओर से फंडिंग की बात कही जा रही थी। इसको लेकर खुफिया एजेंसी की ओर से जांच भी की गई थी। इसके अलावा जून में अटाला में हुए बवाल के लिए पीएफआइ की तरफ से समर्थन किए जाने की बात कही गई थी। फिलहाल जानकारों का कहना है कि संगठन पर बैन लगने से राष्ट्र विरोधी ताकतों की जड़ें कमजोर होंगी।

भाजपा सांसद ने कहा, राष्ट्रहित सर्वाेपरि

फूलपुर की भाजपा सांसद केशरी देवी पटेल ने पीएफआइ संगठन को केंद्र सरकार की ओर से प्रतिबंधित किए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब भारतवर्ष विश्व गुरू बनने की तरफ बढ़ रहा हो तो ऐसे आतंकवादी संगठन देश की छवि को वैश्विक स्तर पर क्षति पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। वह अशांति के दूत हैं और विदेशी पैसों के बल पर देश की शांति को भंग करने की ठेकेदारी लेकर राष्ट्रद्रोह का कार्य करते हैं।

Edited By: Ankur Tripathi

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