प्रयागराज, जेएनएन। भक्ति व भव्यता के रंग में सराबोर है प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या। वैसे देश के कोने कोने में फैले हर सनातन धर्मी का मन प्रभु श्रीराम की भक्ति में गोता लगा रहा है। प्रतीक्षा है प्रधानमंत्री के हाथों जन्मस्थली पर भूमिपूजन की। उससे पहले आभासी दुनिया यानी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म मसलन टिवटर, फेसबुक, वाट्सएप भी राममय हो गई है। नई पीढ़ी को कारसेवा में हुए संघर्षों को याद दिलाने के लिए पुराने वीडियो भी जमकर पोस्ट किए जा रहे हैं। साथ ही रामभक्तों को शुभकामनाएं भी दी जा रही हैैं।

सोशल मीडिया में 1990 में हुई कारसेवा से जुड़े वीडियो की भरमार

सोशल मीडिया में पिछले कुछ दिनों से 1990 में हुई कारसेवा से जुड़े वीडियो की भरमार दिख रही है। इन वीडियो में कारसेवकों के जत्था को अयोध्या जाते हुए दिखाया गया है।  विहिप के संरक्षक रहे स्व. अशोक सिंहल के नेतृत्व में अयोध्या में 'जय श्रीराम' का उद्घोष करते हुए प्राणों को न्यौछावर करने को आतुर भीड़ का पुलिस से संघर्ष का दृश्य पुन: जीवंत हो उठा है। अयोध्या में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली और उसमें मृत कारसेवकों के पार्थिव शरीर का भयावह मंजर के भी वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैैं।

कारसेवा से जुड़े वीडियो भी पोस्ट किए गए

वर्ष 1992 की कारसेवा से जुड़े वीडियो भी पोस्ट किए गए हैैं। इसमें स्व. परमहंस रामचंद्र दास, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, स्व. अशोक सिंहल, लालकृष्ण आडवाणी, साध्वी ऋतंधरा, साध्वी उमा भारती आदि के भाषणों का अंश है।  उत्साहित कारसेवकों के विवादित ढांचा पर चढऩे व उसे गिराने वाले वीडियो भी साझा किए जा रहे हैैं।

भगवामय हुए ग्रुप

वाट्सएप पर अधिकतर ग्रुप भगवामय हो गए हैं। प्रभु श्रीराम का चित्र, भगवा झंडा के स्टीकर व फोटो 'जय श्रीराम' लिखकर भेजे जा रहे हैं। एक से दूसरे ग्रुप में भेजा जा रहा है।

दीपक जलाने की अपील

वाट्सएप, फेसबुक व टिवटर के जरिए पांच अगस्त बुधवार को लोगों को घरों में कम से कम पांच दीपक जलाने की अपील की जा रही है। दीपक जलाकर हनुमान चालीसा व सुंदरकांड पाठ करके श्रीराम मंदिर निर्माण निर्विघ्न संपन्न होने की कामना करने का आग्रह भी हो रहा है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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