प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की बैठक में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती शुरू नहीं होने पर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। सीएमपी महाविद्यालय में इस संघ के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर विमर्श किया। इस दौरान विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिक्षकों के साथ प्राचार्य, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियों का मसला उठा।

इविवि के तीन संघटक डिग्री कॉलेजों में नियुक्ति न होने पर जताई चिंता

आक्टा के सदस्यों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इलाहाबाद डिग्री कॉलेज सहित तीन संघटक महाविद्यालयों में पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से नियुक्तियां न होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। जिन संघटक महाविद्यालयों में नियुक्तियां हुई थीं, वहां भी कई विषयों में शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में यहां पर तत्काल नियुक्तियां शुरू कराया जाना आवश्यक है। ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने सभी महाविद्यालयों में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति को भी प्राथमिकता दिए जाने की बात कही।

हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन पीएम, राष्ट्रपति व एचआरडी मंत्री को भेजने का लिया निर्णय

बैठक में निर्णय लिया गया कि नियुक्तियों को प्रारंभ किए जाने को लेकर सभी महाविद्यालयों के शिक्षकों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मानव संसाधन विकास मंत्री को भेजा जाएगा। ऑक्ट अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने प्रो. अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रो. राम किशोर शास्त्री, प्रो. आरसी त्रिपाठी व उनके दो चार साथियों द्वारा कुलपति और विश्वविद्यालय के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन की निंदा की। कुछ सदस्यों ने पदोन्नति के तीन वर्ष बाद भी 109 शिक्षकों का एरियर न मिलने के मुद्दे को काफी गंभीर बताते हुए इस पर कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस संदर्भ में एक पत्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति और मानव संसाधन विकास मंत्री को भेजा जाएगा। बैठक में डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, डॉ. अर्चना पांडेय, डॉ. रामपाल गंगवार आदि उपस्थित रहे।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप