प्रयागराज, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिले इनपुट के बाद प्रयागराज में आतंकवादियों के स्लीपर सेल की धरपकड़ जारी है। मंगलवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ से जुड़े आतंकी जीशान की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामद करने के बाद एक और आतंकवादी को शहर के करेली इलाके से पकड़ा गया है। एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्कवायड) ने उसका नाम मोहम्मद ताहिर उर्फ मदनी बताया है। पता चला कि एटीएस उसे भी पकड़ने के बाद दिल्ली ले गई है जहां सभी आतंकवादियों से पूछताछ की जा रही है। संगमनगरी से दो आतंकियों के पकडे़ जाने से यह शहर अब एटीएस और एनआइए के राडार पर है। इन दोनों से जुड़े लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। 

दो आतंकी पकडे़ गए, करीबी हैं निगाह में

पहले जीशान और फिर ताहिर मदनी की करेली इलाके से गिरफ्तारी के बाद आतंकी नेटवर्क के लिहाज से प्रयागराज संवेदनशील हो गया है। जीशान तो पाकिस्तानी सेना से आतंकी हमलों की 15 दिन की ट्रेनिंग लेकर यहां आया था।  कुंभ और माघ मेला के लिए दुनिया भर में विख्यात प्रयागराज में इन दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब एटीएस की निगाह उन दोनों के नेटवर्क के लोगों पर होगी। चुनाव और त्योहार के सीजन में आतंकी साजिश का पर्दाफाश होने के बाद अब पुलिस को भी सतर्कता बरतनी होगी।

वलीउल्लाह के बाद अब फिर राडार पर प्रयागराज

प्रयागराज से आंतकी नेटर्वक नई बात नहीं है लेकिन अबकी 15 साल बाद यह शहर आतंकी गतिविधियों की वजह से अचानक फिर सुर्खियों में आ गया है। लोगों को याद होगा कि मार्च 2006 में वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन और संकटमोचन मंदिर में सीरियल बम धमाकों के बाद एसटीएफ ने प्रयागराज में फूलपुर के वलीउल्लाह को गिरफ्तार कर उसे मास्टर माइंड बताया था। फूलपुर में वलीउल्लाह के ही ठिकाने पर आतंकियों ने कुकर बम तैयार करने के बाद वाराणसी में ब्लास्ट किए थे। तब वलीउल्लाह समेत कई आतंकियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वे सभी आतंकी जेल में हैं। अब 15 साल बाद फिर से प्रयागराज का आतंकी गतिविधियों की वजह से नाम उभरा है। लोग भी यहां आतंकियों की गिरफ्तारी और उनकी साजिश के बारे में जानकर सन्न हैं।

Edited By: Ankur Tripathi