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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Atiq Ahmad: जिस थाने में था रुआब वहां बोरे पर कटी अतीक की रात, 24 घंटे में माफिया से पूछे गए 100 से अधिक सवाल

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Published: Sat, 15 Apr 2023 11:56 AM (IST)

धूमनगंज थाना में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को बोरे पर बैठकर मच्छरों के बीच रात गुजारनी पड़ी। ...और पढ़ें

धूमनगंज थाने में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी और हथकड़ी में माफिया अतीक। -जागरण
धूमनगंज थाने में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी और हथकड़ी में माफिया अतीक। -जागरण

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज के जिस धूमनगंज थाने में कभी माफिया अतीक का रुतबा चलता था। कुर्सी पर बैठ पुलिसकर्मियों पर हुक्म चलाता था, वहीं अब उसके दुर्दिन का नजारा है। उसी थाने के लाकअप में उसकी रात गुजरी। मच्छरों के बीच बोरे पर बैठकर अतीक और उसके भाई अशरफ ने रात काटी। अतीक बीमारी का हवाला देकर बार-बार पेशाब करने की बात कहता तो छोटा भाई अशरफ उसकी तरफ ताकता रहता। पूछताछ के दौरान अतीक कभी खीझता तो कभी नर्वस हो जाता था। बैठने के लिए बोरा देख अतीक ने चटाई बिछवाने की मांग की, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। पुलिस ने कहा कि जो उपलब्ध है, उसी में रहना होगा।

मच्छरों के बीच कटी पूरी रात

बताया गया है कि गुरुवार रात दोनों को नैनी जेल से लाने के बाद पहले थाने के लाकअप में डाला गया। इसके बाद अतीक को दूसरे कमरे में ले जाकर हत्याकांड, गैंग, गुर्गों और बीवी शाइस्ता, शूटर अरमान, साबिर और बमबाज गुड्डू के बारे में सवाल किए गए। पहले वह सिर हिलाकर हां और न करता रहा, लेकिन जब अधिकारियों ने कड़ाई की तो जुबान खोली। इसके बाद तमाम सवालों के जवाब संतोषजनक नहीं दे पाया। अतीक के बाद अशरफ से भी साजिश से लेकर शूटर सहित अन्य के बारे में कई सवाल किए गए, लेकिन वह सभी का जवाब नहीं दे पाया। रात करीब दो बजे के बाद दोनों को फिर से लाकअप में डाल दिया गया। मगर दोनों भाइयों ने बोरे पर इधर-उधर बैठ-बैठ कर रात गुजारी। इस बीच मच्छर काटने पर अतीक ने कुछ इंतजाम करने के लिए कहा, लेकिन नहीं हो सका।

24 घंटे में पूछे गए 100 से अधिक सवाल

अतीक और उसके भाई से स्पेशल टास्क फोर्स, एसओजी की टीम ने भी पूछताछ की। अतीक के आर्थिक मददगार, गिरोह के सक्रिय सदस्यों से लेकर जेल के भीतर रहते हुए गुर्गों के संपर्क के रहने में जानकारी जुटाई गई। सवालों की सूची के साथ बैठे अधिकारियों ने हत्याकांड में शामिल सभी की कड़ी से कड़ी जोड़कर सवाल दागते रहे। कई बार माफिया और उसका भाई जवाब देने में आनाकानी भी करते, लेकिन तीखे सवाल पर झल्ला जाते थे।

बेटे के जनाजे में जाने की लगाते रहे गुहार

एसटीएफ की मुठभेड़ में मार गिराए गए बेटे असद को लेकर अतीक काफी क्षुब्ध रहा। पूछताछ के दौरान उसने कई बार कहा कि उसका ब्लड प्रेशर हाई हो रहा है, ज्यादा परेशान न किया जाए। शुक्रवार सुबह से लेकर शाम तक वह कई बार बेटे असद के जनाजे में शामिल होने की गुहार लगाई। अशरफ ने भी भाई के साथ जनाजे में जाने की मिन्नत की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की बात कही।

गिरफ्तारी पर अशरफ को मिली थी कुर्सी

तीन साल पहले एक लाख के इनामी अशरफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे कैंट स्थित क्राइम ब्रांच के पूछताछ कक्ष में ले जाया गया था और वहां उसे बैठने के लिए कुर्सी दी गई थी। हालांकि कुर्सी पर बैठने वाली फोटो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई तो फिर दरी पर बैठाकर तस्वीर प्रसारित कराई गई। मगर इस बार अशरफ ही नहीं उसके भाई अतीक को भी बोरे में रात गुजारनी पड़ी। शुक्रवार रात भी वह उसी बोरे पर बैठते-उठते रहे।