प्रयागराज, जेएनएन। अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि परिसर में पांच जुलाई 2005 को हुए आतंकी हमला मामले में अभियुक्तों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाई कोर्ट में अपील की जाएगी। विशेष न्यायाधीश दिनेश चंद्र ने 18 जून 2019 को इस मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए मोहम्मद अजीज नामक अभियुक्त को दोषमुक्त करार दिया था। इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को अपील का प्रस्ताव अभियोजन भेजा है।

अभियोजन का तर्क है कि सभी अभियुक्तों के विरुद्ध मौत की सजा के लिए पर्याप्त साक्ष्यों की अनदेखी की गई है। चार अभियुक्तों को उम्रकैद के बजाय फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जिसे दोषमुक्त किया गया है, उसके खिलाफ भी भरपूर साक्ष्य हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि के अनुसार फैसला आने के बाद शासन के निर्देश के तहत अपील की तैयारी शुरू कर दी गई थी। अपील का प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रेषित कर दिया गया है। शासन से अनुमति मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

जन्मभूमि परिसर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों द्वारा किए गए हमले में पांचों आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। इसके अलावा दो आम नागरिक मारे गए थे जबकि सात अन्य लोग घायल हुए थे। आतंकियों के मददगार डॉ. इरफान, मो. नसीम, शकील अहमद, आसिफ इकबाल उर्फ फारुख और मोहम्मद अजीज की गिरफ्तारी हुई थी। हाई कोर्ट के निर्देश पर सभी को फैजाबाद जेल से नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। सुरक्षा कारणों से जेल में ही सुनवाई की गई। कुल 63 गवाहों ने गवाही दी थी। इनमें 14 पुलिस वाले थे। सेंट्रल जेल में बंद अभियुक्तों पर हमले की साजिश रचने,आतंकियों की मदद करने, असलहा मुहैया कराने के आरोप थे। 

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Posted By: Umesh Tiwari

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