प्रयागराज, जेएनएन। अमर्यादित आचरण के आरोप से बरी होने के बाद योग वापस प्रयागराज पहुंचे। बमरौली एयरपोर्ट पर उनका स्‍वागत किया गया। पांच माह बाद लौटे योग गुरु आनंद गिरि ने अपने को बेदाग बरी होने को सत्य की राह और धर्म की जीत बताया। उन्‍होंने कहा कि कुंभ की सफलता से कुंठित कुछ लोगों ने उनके खिलाफ षडयंत्र रचा था। अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ में दैनिक जागरण से उन्‍होंने अनौपचारिक वार्ता की। कहा कि यदि आप तथ्य और सत्य का दामन नहीं छोड़ते हैं और गलत नहीं होते हैं तो समाज भी रक्षक की भूमिका निभाता है।

एयर इंडिया की फ्लाइट से बमरौली पहुंचे

वह एयर इंडिया की फ्लाइट से सोमवार की शाम दिल्ली से बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। उन्हें आस्ट्रेलिया की सिडनी की अदालत ने 11 सितंबर को बाइज्जत बरी करते हुए वतन वापसी की अनुमति दी थी। बाघंबरी मठ पहुंचने पर उन्होंने गुरु एवं महंत नरेंद्र गिरि के चरणों में शीश झुकाकर प्रणाम किया। इस दौरान भाजपा विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी और कौशांबी में चायल विधायक संजय गुप्त ने भी उनसे मुलाकात की।

कहा कि मिथ्‍या आरोप से अधिक पीड़ा संत समाज पर आक्षेप से हुई

इसके बाद मीडिया से मुखातिब योग गुरु ने कहा कि उन्हें अपने ऊपर लगे मिथ्या आरोप से उतनी पीड़ा नहीं हुई जितनी कि इससे संत समाज पर लगे आक्षेप से हुई। कहा कि प्रयागराज में कुंभ 2019 का आयोजन शानदार, अभूतपूर्व और भारत का सिर दुनिया भर में गर्व से ऊंचा करने वाला रहा। इससे कुछ असामाजिक लोग कुंठित हुए। उन्होंने मेरे ऊपर आरोप लगाया। लेकिन, गुरु के आशीष से बाइज्जत बरी हुआ। कहा कि धर्म के प्रचार-प्रसार और योग की राह में बाधा डालने वाले हमेशा पराजित होते रहेंगे।

आनंद गिरि पर महिलाओं से अमर्यादित आचरण का था आरोप

आस्ट्रेलिया में आनंद गिरि पर दो महिलाओं ने अमर्यादित आचरण का आरोप लगाते हुए पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराया था। आनंद गिरि ने इसे पीठ पर हाथ रखकर आशीर्वाद देना बताया था। छह जून को पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था, वहां की अदालत से वह बाइज्जत बरी हुए।

Posted By: Brijesh Srivastava

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप