प्रयागराज, जागरण संवाददाता। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ने 368 अंतेवासियों की क्षमता वाले 184 कमरे के हिंदू हास्टल को 29 साल 11 महीने के लिए लीज पर ले लिया है। यह हास्टल एक रुपये प्रतिवर्ष कर दर से लीज पर लिया गया है। यह अहम फैसला कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

कुलपति ने प्रस्‍ताव को संज्ञान में लिया

इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डाक्टर जया कपूर ने बताया कि हास्टल को विश्वविद्यालय द्वारा अधिग्रहित करने का प्रस्ताव 25 साल से अधिक समय पहले सोसाइटी ने प्रस्तावित किया था। इसके बाद सोसायटी नियमित रूप से इस मामले में पत्र व्यवहार कर रहा था। हालांकि, विश्वविद्यालय की तरफ से काेई कार्रवाई नहीं होने के चलते इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी थी। जब प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कुलपति का पदभार संभाला तो सोसाइटी ने फिर से प्रस्ताव भेजा। ऐसे में कुलपति ने मामले को त्वरित संज्ञान लिया और कार्यवाही शुरू की। पीआरओ ने बताया कि अब अकादमिक गतिविधियों के लिए भी हास्टल को प्रयोग में लाया जा सकेगा।

महामना ने रखी थी हास्टल की नींव

हास्टल की नींव महामना मदन मोहन मालवीय ने रखी थी। उन्होंने दान के रूप में एकत्र किए गए 2.5 लाख रुपये की धनराशि से यह हास्टल बनवाया था। कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय की ओर से सोसाइटी के संरक्षक जस्टिस गिरधर मालवीय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जो पहल की है, वह विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण और शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार और सुधार में मदद करेगा।

पूर्व राष्ट्रपति रहे हैं अंतेवासी

पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, राष्ट्रवादी नेता गोबिंद बल्लभ पंत, पूर्व प्रधान मंत्री चंद्रशेखर, कवि फिराक गोरखपुरी और सुमित्रानंदन पंत और नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला हिंदू हास्टल में अंतेवासी रह चुके हैं।

Edited By: Brijesh Srivastava