प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य अधिकारी कोर्ट आदेश का पालन करने के लिए बाध्य हैं। साथ ही कानून के अनुसार आचरण भी उनके ऊपर बाध्यकारी है। कोर्ट ने कहा कि जानकारी देने के तीन मौके दिए गए फिर भी दायित्व पूरा नहीं किया गया और फिर से सरकारी वकील ने समय मांगा।

जिला पंचायत राज अधिकारी जौनपुर को स्पष्टीकरण देने या हाजिर होने का निर्देश

हाई कोर्ट ने जिला पंचायत राज अधिकारी जौनपुर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर सफाई देने का निर्देश दिया है कि उनके द्वारा जानकारी देने में देरी क्यों की जा रही है। कहा कि आदेश का पालन न करने की दशा में वह 31 मई को कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने आदेश की प्रति प्रमुख सचिव पंचायत को भेजने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने तारा देवी व आठ अन्य की याचिका पर दिया है।

तीन बार समय मांगा गया फिर भी जानकारी नहीं मिल सकी

कोर्ट ने कहा कि फरवरी 2022 से याचिका विचाराधीन है। सरकार से जानकारी मांगी गई कि पिछले एक साल से ग्राम पंचायत की हर माह बैठक क्यों नहीं हो रही है। तीन बार समय मांगा गया फिर भी जानकारी नहीं मिल सकी। इसके लिए फिर से समय मांगा गया है। अधिकारियों के ऐसे आचरण की प्रसंशा नहीं की जा सकती।

कीडगंज हत्याकांड में जमानत अर्जी खारिज

प्रयागराज : कीडगंज में अंधाधुंध फायरिंग कर व्यापारी विशाल गुप्ता की हत्या करने व तीन लोगों के घायल करने के आरोपित विमलेश पांडेय की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। अदालत ने कहा कि याची जमानत का हकदार नही है। जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने आरोपित के अधिवक्ता और जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि के तर्कों को सुनने के बाद जमानत अर्जी को नामंजूर किया। वादी मुकदमा के मुताबिक, 30 दिसंबर 2021 की शाम सात बजे अपनी चाट की दुकान पर काम कर रहा था। आरोपित विमलेश पांडेय ने चाट देने को कहा। कुछ देर होने लगी तो वह गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर फायर कर दिया। इससे संदीप, विशाल व अन्य ग्राहक भी घायल हुए। भीड़ बढ़ते देख विशाल पांडेय सहित ने कुछ लोगों के साथ दुकान में आग लगा दी और मौके से भाग गए। उपचार के दौरान विशाल गुप्ता की मौत हो गई थी।

Edited By: Ankur Tripathi