प्रयागराज, विधि संवाददाता। जन्माष्टमी पर भगदड़ में श्रद्धालु की मौत के बाद मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में दर्शनार्थियों की सुरक्षा को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर 17 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि सरकार मंदिर के आसपास के भूमि का अधिग्रहण कर सुरक्षा मजबूत करने पर विचार कर रही है।

याचिका में मंदिरों के उचित रखरखाव और सुरक्षा इंतजाम की मांग

मुख्य न्यायाधीश राजेश विंदल तथा न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने यह आदेश मथुरा के अनंत शर्मा की याचिका पर दिया है। जनहित याचिका दायर कर हिंदू नागरिकों, खासकर वैष्णव संप्रदाय के संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा करने के लिए मंदिरों के उचित रखरखाव की योजना तैयार करने की मांग की गई है। साथ ही पर्व के समय दर्शनार्थियों की जुटने वाली भारी भीड़ का उचित प्रबंधन व सुविधाएं मुहैया कराने तथा कानून व्यवस्था कायम रखने का निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।

महानिबंधक को प्रत्यावेदन तय करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महानिबंधक को कर्मचारियों के प्रत्यावेदन पर सुनवाई कर निस्तारित करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने हाईकोर्ट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन व अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि वह मान्यता प्राप्त यूनियन है। विपक्षियों ने उनके ऑफिस को लंच रूम बना दिया है। इसके साथ ही उसके द्वारा खरीदे गए कंप्यूटर, टेबल आदि को भी जब्त कर लिया है।

जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने को चुनौती

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की चुनौती याचिका पर राज्य सरकार से छः हफ्ते में जवाब मांगा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने राजेश कुमार की याचिका पर दिया है। याची उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम मीरजापुर में नियुक्ति किया गया । शिकायत के आधार पर स्क्रूटनी कमेटी ने 16 अप्रैल को 2021 को उसकी अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र सही नहीं पाया और निरस्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ अपील की लेकिन उसे राहत नहीं मिली। स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने रिकवरी का आदेश जारी किया है।

Edited By: Ankur Tripathi

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