प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी की गैंगस्टर केस के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अफ्शां अंसारी ने पुनर्विचार याचिका दायर की। अपने खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे को रद किए जाने की मांग की।

मऊ जिले में अफ्शां पर गैंगस्‍टर के तहत केस दर्ज हुआ था : अफ्शां के खिलाफ मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में 31 जनवरी 2022 को गैंगस्टर के तहत एफआइआर दर्ज कराई गई। इसे चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहत देने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याची को हाई कोर्ट में ही पुनर्विचार याचिका दायर करने का आदेश दिया था। अफशां अंसारी की तरफ से उनके वकील उपेंद्र उपाध्याय ने कोर्ट में बहस की।

मनी लांड्रिंग केस में ईडी का भी अफ्शां पर शिकंजा : दूसरी ओर मनी लांड्रिंग के केस में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने माफिया मुख्तार अंसारी की बीवी अफ्शां पर भी अब कार्रवाई कर सकती है। मुख्‍तार अंसारी के बेटे अब्‍बास व साले आतिफ रजा का बयान दर्ज करने के बाद अफ्शां की ईडी घेराबंदी कर सकती है।

क्‍यों जांच के दायरे में हैं अफ्शां : सूत्रों की मानें तो मुख्‍तार की कंपनी में उसकी पत्‍नी अफ्शां का नाम भी है। आतिफ भले ही कंपनी के सारे काम करता था, लेकिन बड़े मामलों की जानकारी अफ्शां को जरूर दी जाती थी। इसके अलावा अंसारी कंस्ट्रक्शन के जरिए भी करोड़ों रुपये का काम कई स्थानों पर किया गया था। इन फर्मों के नाम पर टेंडर लेने में भी नियमों का पालन भी नहीं किया गया था। सरकारी पैसे का दुरुपयोग हुआ था। फर्म के बैंक खातों की छानबीन के बाद चार्टर्ड एकाउंटेंट और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ हुई।

Edited By: Brijesh Srivastava

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