प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए घर जा रहे लोगों पर जानलेवा हमला के आरोपी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने आरोपी को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति पर रिहा करने का आदेश दिया है।

नारे लगाने से रोकने पर झड़प और मारपीट में कई लोग हुए घायल

यह आदेश न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी ने सिंभौली, हापुड़ के निवासी इरफान की अर्जी पर दिया है। मामले के अनुसार यासीन के घर के सामने सड़क से जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए घर जा रहे लोगों का विरोध किया गया। इसको लेकर दोनों पक्षों में झड़प हुई। दोनों तरफ से लोग घायल हुए। घटना की सिंभौली थाना में एफआइआर दर्ज कराई गई। याची का कहना था कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसे फंसाया गया है। वह घटना स्थल पर नहीं था। सह अभियुक्तों को जमानत पर रिहा किया गया है। इस आधार पर उसे भी रिहा किया जाए।

हर्षित पांडेय बरेली व अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता नियुक्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता हर्षित पांडेय बरेली विकास प्राधिकरण व‌ अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं। इन्हें प्राधिकरण की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकद्दमों की पैरवी करने के लिए अधिकृत किया गया है।इस आशय का आदेश सचिव बरेली विकास प्राधिकरण व उपाध्यक्ष अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया है।

राष्ट्रपति को सम्बोधित सौंपा ज्ञापन

प्रयागराज: नागरिक समाज इलाहाबाद की ओर से सोमवार को पत्थर गिरजाघर के पास प्रदर्शन किया गया। इसमें तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार को रिहा करने को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। संस्था से जुड़े लोगों ने कहा कि दोनों लोगों से साथ अन्य किया जा रहा है।

Edited By: Ankur Tripathi