प्रयागराज, जेएनएन। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की पुरानी बिल्डिंग में शुक्रवार को एक कोविड मरीज की मौत के बाद उसके परिवार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में जमकर मारपीट हुई। इसमें आउट सोर्सिंग पर कार्यरत एक वार्ड ब्वाय के सिर में गंभीर चोट आई। जानकारी पाकर कर्मचारी नेता पहुंच गए और पुलिस कर्मी भी पहुंचे। इनके सामने भी दबंगई बंद नहीं हुई। मारपीट से अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों व गैलरी में मौजूद उनके तीमारदारों में अफरातफरी मच गई।  यह हंगामा करीब आधे घंटे तक होता रहा। थोड़ी देर बाद पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

शव देने से इंकार करने पर किया  था हमला

पुरानी बिल्डिंग के 14 नंबर वार्ड में 14 नंबर बेड पर भर्ती एक कोविड संक्रमित मरीज की शुक्रवार दोपहर में मौत हो गई। आउट सोर्सिंग पर कार्यरत वार्ड ब्वाय विनय यादव और विकास तिवारी, उसके शव को ट्राली स्ट्रेचर पर रखकर मोर्चुरी ले गए। वहां पहुंचे मृतक के स्वजन शव को अपनी सुपुर्दगी में मांग रहे थे लेकिन वार्ड ब्वाय ने कहा कि वे उन्हें शव सीधे नहीं सौंप सकते। शव को मोर्चुरी में रखने का ही नियम है। इसके बाद प्रक्रियागत तरीके से शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा जाता है। यह कहकर दोनों वार्ड ब्वाय वार्ड 14 वार्ड में वापस चले गए। थोड़ी ही देर में मृतक के स्वजन शोर शराबा करते हुए वार्ड में वापस पहुंचे और दोनों वार्ड ब्वाय को पीटने लगे। उन्हें घसीटते हुए और पिटाई करते मोर्चुरी तक ले गए। इस पर अस्पताल में सूचना फैलते ही हंगामा हो गया।

पीटा तो पुलिस पहुंची मगर लिखित शिकायत नहीं

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नेता राम मनोहर, आशीष आदि पहुंचे। वहीं पर एसआरएन चौकी प्रभारी दयाराम भी पहुंच गए। कथित रूप से इनके सामने भी वार्ड ब्वाय से दबंगई करते हुए मारपीट हुई फिर दोनों पक्षों में हाथापाई भी होने लगी। जिसका पुलिस ने बीच बचाव किया।  चौकी प्रभारी दयाराम ने कहा कि मारपीट हुई है। दोनों पक्षों ने समझौता भी किया। कोई तहरीर नहीं मिली है इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।

Edited By: Ankur Tripathi