प्रयागराज : नेपाल से पकड़े गए छात्रनेता सुमित शुक्ला उर्फ अच्युतानंद की हत्या के तीनों आरोपितों से शनिवार को भी लंबी पूछताछ हुई। हत्या की वजह को लेकर सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी के बयान से पुलिस अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। आशुतोष यही रट लगाए है कि तुरंत हुई कहासुनी की वजह से गुस्से में मार दिया। हालांकि हत्या के बाद तीनों आरोपित कहां, कैसे किसकी मदद से भागे इसे लेकर सही जवाब मिल गए हैं। हत्या के बाद तीनों सिविल लाइंस बस अड्डे पहुंचे थे और कार बुक कर लखनऊ चले गए थे। वहां से बाराबंकी होते हुए बस्ती पहुंचे और नेपाल बॉर्डर पार कर गए थे। 31 अक्टूबर की रात पीसीबी हॉस्टल में हुई छात्रनेता अच्युतानंद की हत्या के आरोपित सीएमपी अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, हरिकेश मिश्र और सौरभ उर्फ प्रिंस पर 50-50 हजार का इनाम घोषित था। तीनों से एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव, सीओ आलोक मिश्र और इंस्पेक्टर कर्नलगंज सत्येंद्र सिंह ने हर पहलू पर पूछताछ की। आशुतोष का कहना है कि अध्यक्ष बनने के बाद अच्युतानंद उससे रार रखने लगा था। जब जहां मिलता जलील करता था। अच्युतानंद के करीबी आलोक और आशुतोष के करीबी हरिकेश के बीच झगड़ा चल रहा था। अच्युतानंद खुलकर आलोक के पक्ष में था। उस रात बर्थ डे पार्टी में भी झगड़ा हुआ था। इसी के बाद अच्युतानंद ने आशुतोष को फोन कर बुलाया और सबके सामने डांटने लगा। आशुतोष नशे में था। उसका कहना है कि गुस्से में उसने गोली चला दी। हालांकि आशुतोष के इस बयान से पुलिस संतुष्ट नहीं है। हत्या की कोई बड़ी वजह की तलाश में उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस ने शनिवार को कटरा और पीसीबी हास्टल से दो लड़कों को उठाया। इन लड़कों ने हत्या के बाद तीनों को सिविल लाइंस बस अड्डे तक छोड़ा था। वहां से कार बुक कर तीनों लखनऊ भागे थे। पिस्टल भी उन्हीं लड़कों के मार्फत ठिकाने लगाई गई थी। बता दें कि अच्युतानंद हत्याकांड के तीनों आरोपितों को क्राइम ब्रांच और पुलिस टीमों ने नेपाल से पकड़ा। इनामी तीनों आरोपित वहां पोखरा और बड़नी में ठहरे थे। मुख्य आरोपित आशुतोष बलरामपुर का जबकि हरिकेश सुल्तानपुर का है। अच्युतानंद शुक्ला गोंडा का रहने वाला था। अनुराग हत्याकांड में वांछित था आशुतोष :

सिविल लाइंस में एक रेस्टोरेंट के सामने बीयर की दुकान पर अनुराग नामक युवक की हत्या हुई थी। डेढ़ साल पहले स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मारपीट के बाद राजरूपपुर के रहने वाले अनुराग को गोली मार दी थी। तब साफ हुआ था कि गोली किसी आशुतोष नामक छात्र ने मारी थी। पुलिस ने कई युवकों को जेल भेजा, लेकिन यह पता नहीं लग सका कि कौन आशुतोष था। सिविल लाइंस पुलिस ने सीएमपी अध्यक्ष से पूछताछ तक नहीं की थी। अब अच्युतानंद हत्याकांड के बाद चर्चा तेज है कि अनुराग की हत्या में यही आशुतोष था। पुलिस अधिकारी इसे लेकर भी पूछताछ कर रहे हैं। एक सपा नेता के बेटे का नाम उछला :

अच्युतानंद हत्याकांड के तीनों आरोपितों के पकड़े जाने पर शनिवार को पुलिसवालों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि इसमें एक सपा नेता के बेटे का नाम भी सामने आ रहा है। वह नेता पहले बसपा में थे, अब वह सपा में हैं। उनके बेटे से आशुतोष त्रिपाठी की लगातार बातचीत हो रही थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।

Posted By: Jagran