प्रयागराज, जेएनएन। हंडिया स्थित लाल बहादुर शास्त्री आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की बीएएमएस छात्रा श्वेता ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी थी। बुधवार को उसके शिक्षक पति राजकुमार ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। देवरिया में हुई घटना से परिवार में मातम छा गया है।

एक शक ने दो जिंदगी लील लिया, दोनों परिवारों की छीना सुख-चैन

कहा जा रहा है कि मंगलवार को श्वेता के पिता ने फोन करके राजकुमार को घटना की जानकारी दी। फिर सुसाइड नोट के बारे में बताया। इससे राजकुमार बेहद परेशान हो गया था। देर शाम को वह किताब खरीदने का बहाना बनाकर बाहर गया और फिर लौटकर घर आया। बुधवार की रात में उसने भी फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। बुधवार सुबह परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो हतप्रभ रह गए। इस घटना के बाद कुछ लोगों का यह भी कहना था कि एक शक ने दो लोगों की जिंदगी लील ली और दोनों परिवारों को तबाह कर दिया।

सुसाइड नोट में श्वेता ने पति राजकुमार पर लगाए थे गंभीर आरोप

देवरिया जिले के कैंट इलाके के कूड़ा घाट न्यू कॉलोनी निवासी पारसनाथ की बेटी श्वेता ने बीते साल मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। वह कॉलेज के पास ही वार्ड नंबर आठ में राजमणि चौरसिया के गल्र्स हॉस्टल में रहती थी। श्वेता ने मंगलवार को दिन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। कमरे से मिले सुसाइड नोट में श्वेता ने पति राजकुमार पर आरोप लगाया था कि उनका कई महिलाओं से संबंध है। पूछने पर उसकी पिटाई करता है। उसकी मौत के लिए सिर्फ पति ही जिम्मेदार है। बुधवार को घरवाले जब श्वेता का पोस्टमार्टम करवा रहे थे, तभी राजकुमार के मौत की खबर मिली। इसके बाद गमजदा घर वाले शव लेकर देविरया चले गए थे।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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