प्रयागराज, जागरण संवाददाता। शराब की अवैध बिक्री और नकली शराब बेचने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन शिकंजा कस कर रहा है। मंगलवार को शराब की उन 12 दुकानों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया, जिनके मालिकों का माफिया से संबंध है। इसके अलावा शराब का अवैध कारोबार करने वाले सात लोग चिह्नित किए गए है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रयागराज मंडल के जिला पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि शराब का अवैध कारोबार किसी भी सूरत में नहीं हो।

महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने को चलेगा अभियान

कमिश्नर संजय गोयल ने की अध्यक्षता में गांधी सभागार में आबकारी एवं विधि और कानून व्यवस्था की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान पिछली बैठक के निर्देशों के क्रम में बताया गया कि मंडल में टाप 10 माफिया के संबंधियों के पास शराब की 12 दुकानें है। माफिया इनके आड़ में शराब का अवैध कारोबार करवाते हैं। इसलिए कमिश्नर ने इन दुकानों का लाइसेंस तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया। आबकारी अधिकारी ने बताया कि अवैध शराब का कारोबार करने वाले सात और चिह्नित किए गए हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। बैठक में यह भी बताया गया कि मंडल के बड़े शराब माफिया से संबंधित लोगों की हिस्ट्रीशीट तैयार की जा रही है। ऐसे लोगों की गतिविधियां पर पुलिस अब नजर रखेगी।

अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम

फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण करें। आइजी केपी सिंह ने गैंगस्टर एवं अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त दोषियों की अलग सूची बनाकर कार्रवाई तेजी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्तियों के परिजनों को आबकारी लाइसेंस न मिले, यह सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने विधि एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महिलाओं पर हो रहे अपराधों को विशेष अभियान चलाकर प्राथमिकता से रोकने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने दहेज एवं पाक्सो संबंधित अपराधों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम प्रयागराज संजय कुमार खत्री, डीएम प्रतापगढ़ नितिन बंसल, डीएम कौशांबी सुजीत कुमार, डीएम फतेहपुर अपूर्वा दुबे, एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा आदि थे।

Edited By: Ankur Tripathi