प्रयागराज, जेएनएन। मऊ जिला के घोसी संसदीय क्षेत्र से बसपा सांसद अतुल राय की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दिया है। सांसद अतुल बीएचयू की छात्रा से यौन शोषण करने के आरोप में जेल में बंद हैं। अतुल राय के खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान एक मई, 2019 को वाराणसी के लंका थाना में आइपीसी की धारा 420, 376, 504, 506 के तहत यौन शोषण का मुकदमा दर्ज हुआ था।

आरोप था कि अतुल राय ने छात्रा को अपनी पत्नी से मिलाने के बहाने वाराणसी स्थित फ्लैट में बुलाकर उसका यौन शोषण किया। साथ ही उसका वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी। याची के अधिवक्ता ने जमानत के समर्थन में कहा कि एफआइआर घटना के सालभर बाद दर्ज कराई गई है। याची को राजनीतिक विद्वेष के कारण झूठा फंसाया गया है, जबकि परिवादी की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सरन ने अपने तर्क में कहा कि आरोपी सांसद का लंबा आपराधिक इतिहास है। इस मुकदमे में उन पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप है। वह गवाहों पर दबाव बना रहे हैं और यदि उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो साक्ष्य प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप तय न होने के कारण पीड़िता का बयान नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।

अतुल कुमार राय पर बलिया की एक युवती ने बनारस के लंका थाने में दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी देने समेत कई धाराओं मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि अतुल राय युवती को लंका स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में झांसा देकर ले गए और उनका यौन शोषण किया। युवती ने उन पर यह आरोप भी लगाया है कि बीएसपी नेता दुष्कर्म के बाद उस पर मुंह बंद रखने का दबाव बनाते रहे हैं। दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद भी लोकसभा चुनाव में अतुल राय ने बीजेपी के सांसद हरिनारायण राजभर को 1,22,018 हजार मतों से हराया था।

Posted By: Umesh Tiwari

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