प्रयागराज : प्रतापगढ़ में हुए दोहरा हत्याकांड मामले में आखिर साजिशकर्ता कौन है, क्यों वारदात को अंजाम दिया गया, किसके कहने पर हत्या हुई...जैसे तमाम सवाल अभी तक अनसुलझे ही हैं। ये राज फरार मजदूर दाढ़ी में छिपा है, ऐसा पुलिस को यकीन है। उसे पकडऩे के लिए पुलिस की टीम उसे तलाश रही हैं, लेकिन अभी वह हाथ नहीं आया है। उधर, हिरासत में लिए गए ठेकेदार से पूछताछ जारी है। वहीं पूछताछ के बाद पकड़े गए राजगीर और दोनों मजदूरों को पुलिस ने छोड़ दिया है।

दादी और पौत्र को हत्यारों ने मौत की नींद में सुला दिया

शहर के बलीपुर निवासी धर्मेंद्र गुप्ता की मां सरस्वती देवी (60) और उसके बेटे अनमोल (10) की 28 जनवरी की रात में सिर पर प्रहार करके हत्या कर दी गई थी। लूटपाट का विरोध करने पर घटना को अंजाम देने की नीयत से हत्यारों ने कमरे का सामान तितर-बितर कर दिया था। धर्मेंद्र की पत्नी राधा देवी ने घटना को प्रापर्टी विवाद से जोड़ते हुए पट्टीदार सुनील गुप्ता पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। सुनील गुप्ता भी फरार है।

पुलिस के शक की सुई ठेकेदार पर ही केंद्रित

अब तक की जांच पड़ताल में पुलिस को ठेकेदार राजू पटेल पर पूरा शक है। इसकी वजह है कि राजू हर हाल में धर्मेंद्र को अपने साथ ले जाना चाहता था। इसके लिए राजू ने अपनी मां से धर्मेंद्र की मां सरस्वती देवी को फोन कराया था। यही नहीं, जब राजगीर भुप्पे ने सोमवार को शाम पांच बजे काम बंद करने के समय राजू को फोन किया था तो उसने सात बजे तक आने की बात कही थी। सात बजे फोन करने पर कुछ देर में पहुंचने की बात कही थी। जबकि राजू की योजना रात प्रयागराज में ही बिताने की थी। घटना की कड़ी ठेकेदार राजू पटेल और धर्मेंद्र की पत्नी राधा देवी, फरार चल रहे मजदूर दाढ़ी उर्फ रज्जनलाल के इर्द-गिर्द घूम रही है। प्रथम दृष्टया पुलिस को जांच में पता चल गया कि दोनों के बीच करीबी रिश्ता है। इसी रिश्ते का सरस्वती देवी विरोध करतीं थीं। पुलिस ठेकेदार राजू को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

कहते हैं एसपी

प्रतापगढ़ के एसपी एस. आनंद ने बताया कि घटना का राज मजदूर दाढ़ी के अंदर छिपा है, उसकी तलाश की जा रही है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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