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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1st January: इलाहाबाद का एक गांव ऐसा जहां सबका जन्मदिन एक जैसा

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sat, 20 May 2017 07:14 PM (IST)Updated: Sun, 21 May 2017 12:14 AM (IST)

सुनने में अटपटा जरूर लगेगा, पर सच्चाई यही है। इलाहाबाद के बारा तहसील के कंजासा गांव में बच्चे, जवान और बुजुर्ग, सबकी पैदाइश एक जनवरी है।

1st January: इलाहाबाद का एक गांव ऐसा जहां सबका जन्मदिन एक जैसा
1st January: इलाहाबाद का एक गांव ऐसा जहां सबका जन्मदिन एक जैसा

इलाहाबाद (जेएनएन)। सुनने में अटपटा जरूर लगेगा, पर सच्चाई यही है। बारा तहसील के कंजासा गांव में क्या बच्चे, क्या जवान और बुजुर्ग, सबकी पैदाइश एक जनवरी है। वर्ष जरूर अलग है। बायोमैट्रिक पहचान के लिए बने आधार कार्ड तो यही बताते हैं। किसकी चूक है, यह साफ नहीं हो सका है। एसडीएम राजकुमार द्विवेदी का मानना है कि ग्र्रामीणों की तरफ से तिथि का साक्ष्य नहीं दे पाने पर यह नौबत आई है। उनका कहना है कि जांच करवा कर इसे ठीक कराया जाएगा।

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कंजासा गांव की आबादी है करीब 12 हजार। पांच हजार से ज्यादा लोग मतदाता हैं। यहां लोगों को जो आधार कार्ड मिला है, उस पर जन्मतिथि एक जनवरी लिखा हुआ है।  प्रधान राम दुलारी, उनके पति जगदीश प्रसाद व बहू मीनू और घर के बच्चों का जन्मदिन एक जनवरी अंकित है। आधार के आधार पर गांव के शीतला प्रसाद, पत्नी निर्मला, बेटी रूबी, बेटे अविनाश, अभयराज व अभिषेक, अवधेश उनकी पत्नी मुखरनिशा, बेटा रमेश और रितेश, राकेश कुमार उनकी पत्नी रेनू, बेटा महेश और बेटी सिम्मी भी एक जनवरी को पैदा हुए हैं। गांव के मुकेश बताते हैं कि उनकी पत्नी सावित्री व बेटे भारद्वाज के जन्म की तारीख भी एक जनवरी अंकित है। भगवानदास, पत्नी सरोजा, बेटियां पूजा, रूपा और सरिता की भी यही शिकायत है। महेश कुमार का पूरा कुनबा भी एक जनवरी को पैदा हुआ है। पत्नी मंजू, बेटी कोमल, बेटे मुकेश, मनोज व वेद प्रकाश के आधार कार्ड पर जन्मतिथि है एक जनवरी। जिन नामों का जिक्र यहां है, सभी ने सहज जनसेवा केंद्र से अलग अलग महीने में आधार कार्ड बनवाया था। गड़बड़ी कहां हुई, यह बड़ा सवाल है।

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सहज जनसेवा केंद्र के एक कर्मचारी कहना है कि जो ग्रामीण आधार कार्ड बनवाने आते हैं, उनको अपनी जन्मतिथि मालूम नहीं होती, ऐसे में कुछ लोगों के कार्ड में जन्म की तारीख एक जनवरी डाल दी गई। वैसे कर्मी की यह सफाई गले नहीं उतरती। एक बार मान भी लिया जाए कि पुराने लोगों की जन्मतिथि नहीं मालूम लेकिन जो बच्चे हैं उनके आधार कार्ड में गलती क्यों हुई, यह जांच का विषय है? एसडीएम का कहना है कि कंजासा गांव में करीब 10 हजार लोगों की जन्मतिथि एक जनवरी होने के कारण को पता किया जाएगा। 

शिकायत रही बेमतलब

आधार कार्ड में जन्म की तारीख गलत दर्ज होने की शिकायत ग्रामीणों ने ब्लाक स्तरीय अधिकारियों से की, पर वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। उनकी मानें तो आधार कार्ड उनका पहचान पत्र है जिसे पूरे देश में मान्यता मिली हुई है। ऐसे में इस कार्ड की गलती से उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आधार कार्ड में त्रुटियों की शिकायत लगभग हर गांव में है। खासकर जन्मतिथि में गलती की। न सिर्फ कंजासा बल्कि आसपास के कई अन्य गांव में भी ज्यादातर लोगों के आधार कार्ड पर जन्मतिथि की जगह एक जनवरी अंकित है। नाम व पते की गलती की शिकायत भी आम है।