प्रयागराज, जेएनएन।  पुलिस अक्सर गलत वजहों से बदनामी झेलत अगर अपने पर आ जाए तो क्या नहीं कर सकती। कुछ ऐसा ही मामला नैनी थाने में प्रकाश में आया है। यहां तीन दिन पहले पकड़े गए एक युवक को बुधवार को बम के साथ गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया गया। आश्चर्य की बात यह रही है कि तीन दिन से उसकी मां थाने के सामने बेटे को छोड़ देने की दुआई देती रही, लेकिन वही हुआ जो पुलिसवालों ने चाहा। युवक को जेल भेजने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों पर सुविधा शुल्क न मिलने पर जबरन जेल भेजने का आरोप लगाया जा रहा है।

बीस हजार नहीं दिया तो बम का मुकदमा लगा दिया

कौशांबी जनपद का रहने वाला राजू सोमवार को महेवा में अपने रिश्तेदार के यहां आया था। रिश्तेदारों ने बताया कि शाम को वह नशा करके आया और सड़क पर हंगामा करने लगा। किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची 112 नंबर पुलिस उसे अपने साथ नैनी थाने ले गई। पीछे-पीछे राजू की मां भी थाने आ गई। बेटे को छोड़ देने के लिए पुलिसकर्मियों से मिन्नत करती रही। बोली कि अब उसका पुत्र नशा नहीं करेगा। किसी तरह का हंगामा भी नहीं करेगा, बस इस बार छोड़ दीजिए। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी और बुधवार को राजू के पास से बम की बरामदगी दिखा दी गई। इसी आरोप में उसका चालान भी काट दिया गया। अब राजू के घरवालों ने कुछ पुलिसवालों पर आरोप लगाया है कि मुंहमांगी रकम नहीं देने पर फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजा गया है। आरोप है कि राजू के जीजा को थाने के समीप चाय की दुकान पर ले जाकर पुलिसकर्मियों ने 20 हजार रुपये मांगे। इतने रुपये देने की असमर्थता जताई गई तो बम बरामदगी का मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया गया।

एसपी यमुनापार का है कहना

ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी बात है तो मामला गंभीर है और वह इसकी जांच कराएंगे। इसमें लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो पुलिसकर्मियों के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

- सौरभ दीक्षित, एसपी यमुनापार

Edited By: Ankur Tripathi