प्रयागराज, जेएनएन। कोरोना संकट के इस दौर में इस महामारी से छुटकारा पाने के लिए तमाम तरह के जतन किए जा रहे हैं। शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से वायरस के फैलाव पर रोकथाम की हर संभव कोशिश की जा रही है। इस बीच कोरोना को खत्म करने के लिए तमाम दावे अलग से भी किए जा रहे हैं। 

हवन और यज्ञ से दूर होगा वातावरण में फैला वायरस

नैनी स्थित विश्व संवाद परिषद  योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगाचार्य डॉ रमेश चंद्रा का कहना है कि आज कोरोना वायरस समूचे वातावरण में फैल चुका है। इससे निपटने के लिए हमें अपने प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत बनाना है। वह भी योग प्राणायाम और सात्विक एवं पौष्टिक भोजन को ग्रहण करके। आज यह वायरस वायु के माध्यम से हमारे घरों में पहुंच रहा है। आने वाले समय में वैज्ञानिकों के मतानुसार यह वायरस हमारे बच्चों को भी प्रभावित करेगा। ऐसे में अथर्ववेद में वर्णित 'जनोपध्वंस' (यज्ञ या हवन) धूम चिकित्सा द्वारा वायुमंडल मे उपस्थित  जीवाणु और विषाणु को नष्ट करने के लिए और वातावरण की शुद्धि एक मात्र साधन है। इसलिए हम सभी को यह हवन पूजा के लिए नहीं बल्कि वातावरण को शुद्ध करने के लिए करना पड़ेगा। लेकिन इस वातावरण को शुद्ध करने के लिए जरूरत है हम सभी के एकता की, सभी लोग एकजुट होकर अपने अपने घरों के सामने हवन सामग्री लेकर आम की लकड़ी के साथ कुछ सामग्री अलग से मिलाकर जैसे नीम की पत्ती, सरसों का दाना, राई, गूगल, देसी घी, कपूर एवं सेंधा नमक मिलाकर हवन करें। इससे समूचे वातावरण में मौजूद कोरोना वायरस का समूल नष्ट हो जाएगा। यह पूर्णतया निरापद प्रयोग है, इससे किसी को हानि भी नहीं होगी और हम अपने परिवार एवं देश की रक्षा स्वयं कर सकेंगे।