प्रयागराज : दिव्य और भव्य कुंभ के अंतिम महापर्व महाशिवरात्रि के स्नान की तैयारियों के लिए कुंभ मेला प्रशासन जुट गया है। स्नान घाटों से लेकर चकर्ड प्लेट मार्गों को दुरुस्त कराया जाएगा। इस पर्व को लेकर खास प्रबंध इसलिए हो रहे हैं कि यह अंतिम स्नान है और किसी भी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं को न हो। कुंभ मेला प्रशासन का अनुमान है कि 80 लाख के करीब श्रद्धालु महाशिवरात्रि के अवसर पर पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाएंगे।

 

दो मार्च की शाम से मेले में नहीं जा सकेंगे वाहन

महाशिवरात्रि चार मार्च को है जबकि तीन मार्च से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो जाने की प्रशासन को उम्मीद है। इसको लेकर ही व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि मेले में वाहनों का प्रवेश दो मार्च की शाम से ही प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्किंग में खड़ा करेंगे। मेले में आने और वापसी के अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। बिजली-पानी, सड़क, स्वास्थ्य से लेकर शौचालय आदि प्रबंध पहले की तरह रहेंगे। सुरक्षा की भी चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।

45वें दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

कुंभ अब अंतिम दौर में है, मगर श्रद्धालुओं के आने की संख्या में कमी नहीं हो रही है। बुधवार को कुंभ का 45वां दिन था। सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम तक स्नानार्थी मेला में आते रहे। दोपहर में तो संगम से लेकर त्रिवेणी बांध तक काली मार्ग और त्रिवेणी मार्ग पर जाम लग गया। हजारों की तादाद में वाहन फंसे रहे। डीआइजी कुंभ केपी सिंह ऑन माइक हुए और वाहन स्वामियों से पॉर्किंग में अपनी गाड़ी खड़ी करने का आह्वान किया। इसके बाद पुलिस ने वाहनों को पॉर्किंग में खड़ा कराया।

खास बातें

-80 लाख श्रद्धालुओं के आने का है कुंभ मेला प्रशासन को अनुमान

-41 स्नान घाटों को कराया जाएगा दुरुस्त, पुआल भी नया बिछेगा

-22 पांटून पुलों पर कराया जा रहा मरम्मत का काम

-09 इंट्री प्वाइंटों और संगम नोज पर तैनात रहेगी पैरामिलिट्री

Posted By: Brijesh Srivastava

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