प्रयागराज, जेएनएन। देर करने की कीमत क्या होती है, इसे वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के तहत विलंब से रिटर्न (3-बी) दाखिल करने वाले कारोबारियों से पूछिए। सरकार ने ऐसे व्यापारियों पर शिकंजा कसते हुए उनसे जुर्माना यानी ब्याज वसूलने के निर्देश दिए हैं। इलाहाबाद (प्रयागराज) परिक्षेत्र में सीजीएसटी विभाग ने ऐसे करीब 78 हजार व्यापारी चिन्हित किए हैं। इन पर लगभग 75 करोड़ रुपये जुर्माना निर्धारित हुआ है। विभाग की ओर से इन सभी को पत्र जारी करने की तैयारी है।

खास बातें

-2017-18 में 25 हजार कारोबारियों ने विलंब से दाखिल किया रिटर्न।

-2018-19 में 28 हजार व्यापारियों ने देरी से भरा रिटर्न

-2019-20 में 25 हजार कारोबारियों ने देर से रिटर्न दाखिल किया।

हर महीने की 20 तारीख को 3 बी रिटर्न फाइल करना होता है

व्यापारियों को हर महीने की 20 तारीख तक 3 बी रिटर्न फाइल करना होता है। माना जा रहा है कि व्यापारी आमतौर पर विलंब से 3 बी जमा करते हैं। कई बार आखिरी समय में पोर्टल के भी जवाब दे जाने से व्यापारी समय से रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उन पर जुर्माना तय हो जाता है। विभाग ने जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक ऐसे व्यापारियों का वर्षवार डाटा तैयार किया है। चिन्हित व्यापारियों को पहले विभाग की ओर से पत्र जारी किया जाएगा। उसके बाद रकम न जमा करने पर रिकवरी की जाएगी। बता दें कि जीएसटी अधिनियम की धारा 50 (1) में विलंब से 3 बी दाखिल करने पर 18 फीसद जुर्माना वसूलने का प्राविधान है। सीजीएसटी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर गौरव चंदेल ने बताया कि जिन व्यापारियों ने विलंब से 3 बी जमा किया, उन्हें पत्र जारी किया जा रहा है। ब्याज का भुगतान न करने पर रिकवरी के लिए खाते आदि सीज किए जा सकते हैं। 

परिक्षेत्र में शामिल 12 जिले

प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, प्रतापगढ़, रायबरेली, बांदा, सुल्तानपुर, भदोही, जौनपुर, अमेठी आदि।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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