प्रयागराज [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 69000 शिक्षक भर्ती में त्रुटि सुधार का प्रकरण तूल पकड़ गया है। हाई कोर्ट ने भी बेसिक शिक्षा विभाग से पूछा है कि चार दिसंबर को जारी शासनादेश से कितने अभ्यर्थियों को लाभ होगा और कितने को बाहर किया जा रहा है? इस पर बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों से ब्योरा तलब किया है। अब इस मामले की हाई कोर्ट में 14 दिसंबर को सुनवाई होनी है। आवेदनपत्र में अधिक अंक दर्ज करने वालों की भी शासन के हस्तक्षेप पर काउंसिलिंग कराई गई है, अब उन्हें नियुक्ति पत्र देने पर निर्णय शासन करेगा। 

यूपी के प्राथमिक स्कूलों के लिए 69000 शिक्षक चयन का जिला आवंटन जारी होने के बाद से त्रुटि सुधार की मांग करने वाले अभ्यर्थियों ने पहले परिषद मुख्यालय फिर लखनऊ में प्रदर्शन किया। इसके अलावा कोर्ट में भी आवेदनपत्र में संशोधन को मान्य करने की गुहार लगाई जा रही है। इसी बीच शासन ने चार दिसंबर को त्रुटि सुधार के लिए विस्तृत शासनादेश जारी किया। इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि फलां को मान्य व आवेदनपत्र में अधिक अंक व कम पूर्णांक आदि दर्ज करने वालों की नियुक्ति रद की जाए। इसको लेकर भी प्रदर्शन हुआ। 

अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में आशुतोष कुमार श्रीवास्तव व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य की विशेष अपील दाखिल करके मौका देने की गुहार लगाई है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग से पूछा है कि शासनादेश से कितने अभ्यर्थियों को लाभ होगा और कितने को अनर्ह किया गया है। परिषद के संयुक्त सचिव विजय शंकर मिश्र ने सभी जिलों के बीएसए को निर्धारित प्रारूप भेजकर इन सवालों का जवाब मांगा है, ताकि कोर्ट में जवाब दाखिल किया जा सके। अब इस मामले का निपटारा सोमवार को होगा।

Edited By: Umesh Tiwari