प्रयागराज, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले में उत्तर पुस्तिका की जांच में आरोप सही न पाने जाने के बावजूद कोर्ट को स्वयं जांच के लिए जिद करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने याची पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाते हुए दो माह में उसे जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पैसा जमा नहीं करने पर राजस्व की तरह वसूली की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने लक्ष्मी देवी की याचिका पर दिया है।

याची को अध्यापक भर्ती परीक्षा में 58 अंक मिले थे। पुनर्मूल्यांकन के बाद प्राप्त अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ। याची को स्कैन कॉपी भी दी गई। इसके बाद उसने आरोप लगाया कि स्कैन कॉपी में हर पेज पर बारकोड ही भिन्न है। इस पर कोर्ट ने उत्तर पुस्तिका की मूल प्रति मंगाई। साथ ही रजिस्ट्रार जनरल को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। जांच में बारकोड हर पेज पर एक समान पाया गया। अपने खिलाफ रिपोर्ट आने के बाद याची ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह स्वयं कॉपी की जांच करें, जिस पर कोर्ट ने हर्जाने के साथ याचिका खारिज कर दिया है।

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