इलाहाबाद : निजीकरण के विरोध में बिजली अफसरों और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को लगातार चौथे दिन जारी है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर विद्युत विभाग के राजस्व पर पड़ा है। बताते हैं कि चार दिनों में छह करोड़ से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ है। यही हालत रही तो आगे भी विभाग को राजस्व के रूप में भारी नुकसान की आशंका है।

दूसरी ओर बिजली अफसर और कर्मचारी मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अफसरों ने यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक की वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार कर दिया है। मुख्य अभियंता भी वीडियो कांफ्रेंसिंग में न जा सकें, इसलिए उनका भी घेराव किया जा रहा है। एमडी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बहिष्कार से हड़कंप मच गया है।

जार्ज टाउन स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दे रहे बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया तो इमरजेंसी सेवाएं भी ठप की जाएंगी। बिजली कर्मी उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देने की रणनीति बना रहे हैं। इसी 27 मार्च को बिजली अफसर और कर्मचारी पूरे दिन कार्य बहिष्कार करेंगे।

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