जागरण संवाददाता, प्रयागराज : कोरोना से बचने के लिए जो भी दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं, उनका पालन करना हर किसी की जिम्मेदारी है। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही लोगों को मुंह पर मास्क लगाना अनिवार्य है। मास्क न लगाने पर अब 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। पहले केवल 100 रुपये ही वसूले जाते थे। यह कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित का। गुरुवार को वह दैनिक जागरण के प्रश्न पहर कार्यक्रम में लोगों के सवालों का जवाब दे रहे थे। जिले में बढ़ते अपराध पर बोले कि गुंडे और माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। लोगों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण होगा। इसमें जो भी पुलिसकर्मी लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। लंबित मामलों का भी तेजी से समाधान होगा। प्रस्तुत है सवाल और जवाब के अंश।

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सवाल : मुट्ठीगंज इलाके का एक शख्स युवाओं का गैंग बनाकर गैरकानूनी काम करता है। उसके खिलाफ कई मुकदमे भी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है।

जवाब : ऐसे सभी अपराधियों और गिरोह के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। मुट्ठीगंज थाने से इस संबंध में जानकारी लेकर सभी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : झूंसी थाने में एक नहीं बल्कि तीन बार प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।

जवाब : प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई अवश्य कराई जाएगी। आप परेशान न हों समस्या का समाधान होगा।

सवाल : किराए पर रहने वाले छात्रों का शोषण मकान मालिक कर रहे हैं। पुलिस भी संवेदनशील नहीं है। गृह मंत्रालय के किराया माफी के निर्देश का उल्लंघन हो रहा है।

जवाब : किराया माफी की अपील होती है, निर्देश नहीं। यह नीतिगत मामला है। इसे उच्चाधिकारियों व संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। एक प्रकरण की जानकारी है और उस विवाद का समाधान निकाला जाएगा।

सवाल : कोरोना को लेकर पुलिस लगातार जागरूक कर रही है। इसके बावजूद लोग पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

जवाब : मास्क नहीं लगाने वाले और फिजिकल डिस्टेंसिग का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, ताकि कोरोना महामारी को हराया जा सके।

सवाल : करीब 25 साल पुराने मुकदमे को लेकर कुछ लोग लगातार धमकी दे रहे हैं।

जवाब : आप इस संबंध में लिखित शिकायत थाने पर दे दें। मुकदमा लिखकर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण इलाकों में अपराध बढ़ा है। पुलिस रोकने के लिए क्या प्रयास कर रही है। अनूप पांडेय, झूंसी।

जवाब : पुलिस का पहला काम ही यही होता है कि अपराध को रोका जाए और घटना होने पर उसका जल्द से जल्द अनावरण किया जाए। बीट और विजिबल पुलिसिग के जरिए अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाया जाएगा।

सवाल : खीरी थाना क्षेत्र में संजय शुक्ला की हत्या हुई थी, जिसमें नामजद आरोपितों को पकड़ा गया लेकिन साजिश रचने वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई।

जवाब : अगर ऐसा है तो प्रकरण की जांच कराई जाएगी। साजिश रचने के साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।

सवाल : सरकारी जमीन पर कुछ लोग प्लाटिग करके बेच रहे हैं। लेखपाल भी कुछ नहीं कर रहे हैं।

जवाब : इस संबंध में राजस्व विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इसके बाद जमीन पर अवैध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : पति मारता है और ससुराल वाले परेशान करते हैं। तीन बार शिकायती पत्र दे चुकी मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है।

जवाब : घरेलू मामला है। हम किसी परिवार को टूटने से भी बचाते हैं। ऐसे मामले को पहले परिवार परामर्श केंद्र भेजा जाता है।

सवाल : शनिवार और रविवार को बंदी के दौरान हम बाहर जा सकते हैं या नहीं।

जवाब : इस संबंध में शुक्रवार दोपहर तक विस्तृत दिशा-निर्देश आएगा। इसके बाद आप लोगों को अलग-अलग माध्यम से सूचित किया जाएगा।

सवाल : धूमनगंज में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को उसके बेटे ने घर से निकाल दिया है। शिकायत के बाद भी मदद नहीं मिल रही है।

जवाब : संपत्ति का विवाद है या कुछ और मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : यमुनापार में कुछ दबंग लोग खेती नहीं करने दे रहे हैं। गिरोह बनाकर जमीन पर कब्जा कर लेते हैं।

जवाब : भूमाफिया के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आप लिखित शिकायत दें, कार्रवाई कराई जाएगी।

सवाल : धूमनगंज में जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। रिपोर्ट दर्ज है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

जवाब : संबंधित थाने की पुलिस से इस बारे में पता कर जो भी आपराधिक तत्व इसमें लिप्त होंगे उनके खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।

सवाल : करछना क्षेत्र में एक आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति का इतना बोलबाला है कि पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती।

जवाब : स्थानीय थाना प्रभारी से इस बारे में जानकारी हासिल कर अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इसका आपराधिक इतिहास भी निकलवाया जाएगा।

सवाल : प्रतापपुर-बारी-धनूपुर मार्ग पर जमकर गो तस्करी हो रही है। सूचना के बाद भी पुलिस इसे नहीं रोकती है।

जवाब : ये गंभीर बात है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : एक संस्थान के बिशप के खिलाफ कई एफआइआर दर्ज है। किंतु सिविल लाइंस पुलिस इस ओर कोई उचित कदम नहीं उठा रही है।

जवाब : आपकी शिकायत के बारे में सिविल लाइंस पुलिस से पूरी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जो भी सार्थक कदम होंगे उसे उठाए जाएंगे।

सवाल : धोखाधड़ी से कुछ लोगों ने करीब 34 हजार रुपये ले लिया। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी साइबर सेल कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

जवाब : परेशान होने की जरूरत नहीं है, साइबर सेल से इस बारे में जानकारी ली जाएगी।

सवाल : हैजा अस्पताल के पास स्मैक का धंधा तेजी से चल रहा है। पुलिस कार्रवाई नहीं करती।

जवाब : स्मैक बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। जो भी इस धंधे में लिप्त होगा उसे जेल भेजेंगे।

सवाल : रीवां-वाराणसी रोड पर नो इंट्री लगा दी गई है। इससे व्यापार पर असर पड़ रहा है।

जवाब : इसे दिखवाते हैं। जो भी सार्थक कदम होंगे उसे उठाए जाएंगे।

सवाल : जहां काम करते थे, वहां से रुपये नहीं मिल रहे हैं। पुलिस भी कुछ नहीं कर रही है।

जवाब : सीओ सिविल लाइंस को समस्या बताइए। हर हाल में शिकायत का निस्तारण होगा।

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इन्होंने पूछे सवाल

वशिष्ठ तिवारी झूंसी, अमित मालवीय मुट्ठीगंज, करन सिंह परिहार व शरद शंकर छात्रनेता, अनुराग यादव उर्फ सोंटू नार्थ मलाका, शमीम अहमद बैरहना, संदीप मिश्रा छात्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जीवन लाल, उतरांव, राधा देवी नवाबगंज, शिव सिंह सिविल लाइंस, प्रमोद त्रिपाठी नवाबगंज, प्रभात शुक्ला दारागंज, दिव्यांशु लूकरगंज, अशोक तिवारी बसही करछना, नीरज यादव प्रतापपुर, बिशप जॉन अगस्टीन लखनऊ, अंजली त्रिपाठी चकिया, संजय जार्जटाउन, सुनील राय बैंक रोड, सुनील वर्मा मीरापट्टी।

----------- रुपये देकर ऐसे लोगों को देते हैं बढ़ावा

-नवाबगंज के पूरे उधैव निवासी दिलीप कुमार पटेल ने एसएसपी अभिषेक दीक्षित से शिकायत की कि सप्ताह भर पहले कुछ लोगों ने उसके खेत की मेड़ काट दी। विरोध करने पर उसे पीटा। वह मंसूराबाद चौकी पर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा तो उससे तहरीर ले ली गई। चौकी के एक दारोगा ने उससे पांच हजार रुपये भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए लिए, लेकिन कार्रवाई नहीं की। जिस पर एसएसपी ने कहा कि रुपये नहीं देने चाहिए थे। क्योंकि इससे ऐसे लोगों का मन बढ़ता है। चौकी पर सुनवाई नहीं हो रही थी तो थाने और सीओ के पास जाना चाहिए था। अगर वहां भी कोई नहीं सुनता तो उच्चाधिकारियों के पास आना चाहिए। किसी भी सूरत में रुपये नहीं देने चाहिए थे।

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