प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज में धान खरीद में इस बार लापरवाही बरती जा रही है। आलम यह है कि धान खरीद शुरू हुए 27 दिन बाद भी 45 क्रय केंद्रों पर अभी तक खोले ही नहीं गए हैं। धान क्रय केंद्र न खुलने से किसानों को धान बिक्री के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस बार धान खरीद के लिए जिले में 142 क्रय केंद्र बनाए गए हैंं। इसमें से 97 क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू है।

नेटवर्क की कमी से किसानों को हो रही परेशानी

धान खरीद में धांधली को रोकने के लिए ई-पाश मशीन के माध्यम से धान खरीद करने की व्यवस्था बनाई गई है। हालांकि मेजा, कोरांव, करछना सहित कई सेंटरों पर नेटवर्क की कमी के कारण किसानों का अंगूठा नहीं नहीं लगा रहा है। इससे भी किसानों की परेशानी बढ़ रही है।

इन आंकड़ों पर डालें नजर

- एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद

- 142 धान क्रय केंद्र खोने का है निर्देश

- 97 क्रय केंद्रों पर हो रही है धान की खरीद

- 2.06 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य

- 2100 टन खरीद

- 461 किसानों ने बेचा धान

- 22530 किसानों ने धान बिक्री के लिए कराया रजिस्ट्रेशन

- 4.05 करोड़ रुपये का हुआ भुगतान।

धान खरीद में लापरवाही हो रही

धान खरीद में लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक नवंबर से धान खरीद शुरू हुई और अभी तक 2100 टन धान की खरीद हो पाई है। सबसे अधिक क्रय केंद्र यमुना पार में खोले गए हैं। वहीं इस क्षेत्र में महज 800 टन के आसपास ही धान की खरीद की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस एरिया में दिसंबर के दूसरे सप्ताह से खरीद तेज होती है।

प्रभारी जिला विपणन अधिकारी बोले- एक सप्‍ताह में खरीद में आएगी तेजी

प्रयागराज में प्रभारी जिला विपणन अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि जहां पर सेंटर अभी तक नहीं खुला है वहां के केंद्र प्रभारी को नोटिस दी जा रही है। दो दिन में अगर खरीद नहीं शुरू करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ सेंटर भी निरस्त किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर खरीद में तेजी आएगी।

Edited By: Brijesh Srivastava